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Nainital: पाती से चीन के किसान मालामाल तो उत्तराखंड के 'बेहाल', कई बीमारियां दूर करने में कारगर

Nainital: पाती से चीन के किसान मालामाल तो उत्तराखंड के 'बेहाल', कई बीमारियां दूर करने में कारगर

Artemisia Vulgaris: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पाती का पौधा पाया जाता है, जो कि औषधीय गुण के साथ ही धार्मिक महत्व रखता है. इसका बॉटनिकल नाम आर्टिमिशिया वलगेरिस है.

हिमांशू जोशी

नैनीताल. उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसे कई पेड़ पौधे हैं जो काफी औषधीय गुण और साथ ही धार्मिक महत्व भी रखते हैं. इन्हीं में एक नाम आता है पाती का. पाती का बॉटनिकल नाम आर्टिमिशिया वलगेरिस (Artemisia Vulgaris) है. यह पौधा साल में बारह महीने उगता है. स्थानीय स्तर पर वैसे तो यह कुछ खास उपयोगी नहीं है. हालांकि पड़ोसी देश चीन में वहां के किसानों के रोजगार का जरिया है. इससे बनने वाला तेल कीटनाशक के रूप में इस्तेमाल में लाया जाता है. हालांकि उत्तराखंड में इस पर कोई ध्‍यान नहीं दिया जा रहा है.

पाती से बनने वाला तेल खुशबूदार होता है जिस वजह से इसे एरोमेटिक प्लांट्स की श्रेणी में भी गिना जाता है. इस पौधे में काफी औषधीय गुण भी हैं. वन बीट अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि यह पौधा पेट के रोग को दूर करने में मदद करता है. इसके पत्ते बच्चों के पेट में होने वाले कीडों को दूर करते हैं. इसके अलावा यह एलर्जी जैसे दाद, खाज, खुजली में भी कारगर है.

ये है धार्मिक महत्त्व
इसके अलावा यह पौधा धार्मिक महत्त्व भी रखता है. पर्वतीय क्षेत्रों में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कोई भी ऐसा हवन-यज्ञ नहीं है जहां इस पौधे के पत्तों का इस्तेमाल ना हो. साथ ही पहाड़ों में श्राद्ध के दौरान भी इसका महत्त्व है. मान्‍यता है कि कोई भी श्राद्ध इस पौधे के बिना पूरा नहीं माना जाता है.

वर्तमान में पाती के पौधे पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है. हालांकि यह पौधा पहाड़ में होने वाली ऐसी घास है जो यहां के काश्तकारों के लिए आर्थिक का जरिया बन सकती है.

Tags: Nainital news

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