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नैनीताल में है एशिया का पहला मेथोडिस्ट चर्च, 1858 में हुई थी स्थापना

160 साल से भी ज्यादा पुराने इस चर्च का रखरखाव इंडिया के हेरिटेज डिपार्टमेंट ने किया है.

    नैनीताल को केवल सरोवर नगरी ही नहीं बल्कि सभी धर्मों की नगरी भी कहा जाता है. यहां मौजूद सभी धर्मों के धार्मिक स्थल इस बात को सिद्ध भी करते हैं. नैनीताल के मल्लीताल में स्थित मां नयना देवी का भव्य मंदिर, आर्य समाज मंदिर, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, जामा मस्जिद और मेथोडिस्ट चर्च इनके उदाहरण हैं. इनमें क्रिश्चियन धर्म के लोगों का धार्मिक स्थल मेथोडिस्ट चर्च देश ही नहीं बल्कि पूरे एशिया का सबसे पुराना मेथोडिस्ट चर्च है.

    चर्च के पादरी राजेंदर लाल ने बताया कि क्रिसमस की तैयारी के दौरान नवंबर के आखिरी रविवार से कार्यक्रम शुरू होते हैं और क्रिसमस तक हर संडे ये कार्यक्रम चलते हैं. टूरिस्ट अक्सर नैनीताल आते हैं तो इस चर्च में भी जरूर आते हैं.

    उन्होंने आगे कहा कि 160 साल से भी ज्यादा पुराने इस चर्च का रखरखाव इंडिया के हेरिटेज डिपार्टमेंट ने किया है. साथ ही वेल टूरिज्म की तरफ से इस चर्च की बिल्डिंग को और मजबूत करने के लिए काम किया गया है ताकि यह आगे भी 100 से 150 वर्षों तक ऐसी ही रहे.

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