उत्तराखंड में लोगों को गुमराह कर रही है अटल आयुष्मान की वेबसाइट

आयुष्मान की वेबसाइट पर जिन अस्पतालों में गंभीर रोगों के इलाज का दावा किया जा रहा है वहां इस मर्ज के डॉक्टर ही नहीं हैं.

Shailendra Singh Negi | News18 Uttarakhand
Updated: June 27, 2019, 3:58 PM IST
उत्तराखंड में लोगों को गुमराह कर रही है अटल आयुष्मान की वेबसाइट
डॉ. हरीश लाल, पीएमएस, बेस अस्पताल, हल्द्वानी
Shailendra Singh Negi
Shailendra Singh Negi | News18 Uttarakhand
Updated: June 27, 2019, 3:58 PM IST
उत्तराखंड में अटल आयुष्मान के तहत मिलने वाले इलाज को लेकर बड़े-बड़े दावे हैं. NEWS18 ने जब इन दावों की हकीकत चेक की तो आयुष्मान की वेबसाइट पर भ्रमित करने वाली जानकारियां मिली. दरअसल आयुष्मान की वेबसाइट पर जिन अस्पतालों में गंभीर रोगों के इलाज का दावा किया जा रहा है वहां इस मर्ज के डॉक्टर ही नहीं हैं. बता दें कि अटल आयुष्मान योजना को लेकर स्वास्थ्य महकमा समय-समय पर तरह-तरह के आंकड़े पेश कर रहा है. हजारों मरीजों को इसका फायदा पहुंचने का दावा किया जा रहा है. लेकिन हकीकत ये है कि इस योजना को लेकर सरकारी वेबसाइट पर जनता को भ्रमित करने वाली जानकारियां मिल रही हैं. प्रदेश के जिन अस्पतालों में बुखार की दवा देने तक के डॉक्टर नहीं हैं, वहां आयुष्मान से जुड़ी ये सरकारी वेबसाइट कैंसर, न्यूरो, हार्ट और दिमागी बीमारियों के इलाज का दावा कर रही है.

एक छोटा उदाहरण हल्द्वानी की बेस अस्पताल की ही ले लीजिए. यहां न तो न्यूरो, न हार्ट और न ही दिमागी इलाज का कोई डॉक्टर है. लेकिन इसके बावजूद आयुष्मान वेबसाइट पर यहां इन बीमारियों के इलाज का दावा है. अस्पताल के पीएमएस से बात कर साफ हो जाता है कि सरकारी वेबसाइट झूठ परोस रही है. इस सवाल से पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक भी हैरान हैं.

बेस अस्पताल में हार्ट व न्यूरो के डॉक्टर नहीं
बेस अस्पताल के पीएमएस डॉ. हरीश लाल ने साफ कहा कि उनके यहां हार्ट का कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं है. यहां से ऐसे मरीजों को रेफर किया जाता है. फिर उन्होंने कहा कि उनके यहां न्यूरो सर्जन भी नहीं है. इस अस्पताल में साइकाट्रिस्ट भी नहीं है. वहीं पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने कहा कि पूरे उत्तराखंड में कार्डियोलॉजिस्ट की कोई पोस्ट भरी नहीं है. उन्होंने कहा कि सुशीला तिवारी अस्पताल में ऑनकोलॉजी का विभाग है मगर वह उच्च स्तरीय नहीं है.

सारे सरकारी अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए सरकार ने सेलेक्ट किया है. इसके अलावा प्राइवेट अस्पताल भी पैनल में शामिल किए जा रहे हैं. लेकिन आयुष्मान की वेबसाइट पर भ्रमित करने वाली जानकारियों को लेकर कोई संजीदा नहीं है. यह अत्यंत ही गंभीर मामला है.

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First published: June 27, 2019, 3:58 PM IST
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