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दो से ज़्यादा बच्चे वाले नहीं लड़ पाएंगे क्षेत्र पंचायत, ज़िला पंचायत चुनाव... यह है वजह

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: September 25, 2019, 1:36 PM IST
दो से ज़्यादा बच्चे वाले नहीं लड़ पाएंगे क्षेत्र पंचायत, ज़िला पंचायत चुनाव... यह है वजह
पंचायती राज संस्थानों के लिए नामांंकन मंगलवार को ख़त्म हो गया है. (फ़ाइल फ़ोटो)

इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ़्ते में जवाब देने को कहा है.

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उत्तराखंड में दो से ज़्यादा बच्चे वाले चुनाव क्षेत्र पंचायत और ज़िला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ़्ते में जवाब देने को कहा है. इसका सीधा अर्थ यह हुआ कि दो से ज़्यादा बच्चे वाले यह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे क्योंकि मंगलवार को नामांकन ख़त्म हो गया है और 27 तक इनकी स्क्रूटनी होनी है. राज्य निर्वाचन आयोग यह कह चुका है कि दो से ज़्यादा बच्चों वालों के चुनाव लड़ने पर दिया गया हाईकोर्ट का आदेश सिर्फ़ ग्राम पंचायतों पर ही लागू होता है इसलिए क्षेत्र और ज़िला पंचायतों में अधिकतम दो जीवित बच्चों वाले ही चुनाव लड़ सकते हैं.

हाईकोर्ट का आदेश और व्याख्याएं  

बता दें कि जून में उत्तराखंड सरकार ने पंचायती राज संशोधन कानून 2019 बनाया था जिसके अनुसार राज्य में 2 से ज़्यादा जीवित बच्चों वाले लोग चुनाव लड़ने के अधिकारी नहीं रहेंगे. कांग्रेस नेता जोत सिंह बिष्ट समेत कई लोगों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इस पर फ़ैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने बीती 20 तारीखर को इस कानून के लागू होने की कटऑफ़ डेट 25 जुलाई, 2019 तय कर दी थी. हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 25 जुलाई, 2019 से पहले तक जिसके दो से ज़्यादा बच्चे हैं वह चुनाव लड़ सकता है. लेकिन हाईकोर्ट के इस आदेश में सिर्फ़ आर्टिकल 8(1)(R) का ज़िक्र है, जो सिर्फ़ ग्राम पंचायतों पर लागू होती है.

याचिकाकर्ता जोत सिंह बिष्ट ने दावा किया था कि हाईकोर्ट के फ़ैसले में पंचायत इंस्टीट्यूशन्स लिखा है जिसका अर्थ हुआ कि यह आदेश सभी पंचायत संस्थानों, क्षेत्र और ज़िला पंचायत पर भी लागू होगा. लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि यह आदेश सिर्फ़ ग्राम पंचायतों पर ही लागू होता है, क्षेत्र और ज़िला पंचायत पर नहीं.

उम्मीद में नामांकन 

इसके बाद अल्मोड़ा के पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा ने हाईकोर्ट के इस आदेश को क्षेत्र और ज़िला पंचायत पर भी लागू करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. सोमवार को हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार तो कर लिया लेकिन तत्काल सुनने से इनकार कर दिया था.

मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था. इसमें बहुत से ऐसे लोगों ने भी नामांकन दाखिल किए हैं जिनके दो से ज़्यादा बच्चे हैं. इन लोगों को उम्मीद थी कि हाईकोर्ट पंचायत चुनाव की तरह क्षेत्र और ज़िला पंचायत में भी दो से ज़्यादा बच्चों वालों को राहत देगा. लेकिन हाईकोर्ट के इस मामले में चार हफ़्ते में जवाब मांगने के बाद इसकी गुंजाइश ख़त्म हो गई है क्योंकि स्क्रूटनी में ऐसे सभी लोगों के नामांकन खारिज हो जाएंगे.
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First published: September 25, 2019, 12:52 PM IST
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