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उत्तराखंड संकट : नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देगी केंद्र सरकार

उत्तराखंड संकट : नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देगी केंद्र सरकार

भाजपा के एक सूत्र ने कहा कि यह मामला शुद्ध रूप से तकनीकी और कानूनी लगता है. आज के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में या उसी उच्च न्यायालय की किसी बड़ी पीठ में चुनौती दी जा सकती है.

भाजपा के एक सूत्र ने कहा कि यह मामला शुद्ध रूप से तकनीकी और कानूनी लगता है. आज के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में या उसी उच्च न्यायालय की किसी बड़ी पीठ में चुनौती दी जा सकती है.

भाजपा के एक सूत्र ने कहा कि यह मामला शुद्ध रूप से तकनीकी और कानूनी लगता है. आज के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में या उसी उच्च न्यायालय की किसी बड़ी पीठ में चुनौती दी जा सकती है.

    उत्तराखंड का सियासी संकट अब कोर्ट की शरण में पहुंच चुका है. राष्ट्रपति शासन लागू कर चुकी केंद्र सरकार अब पीछे हटने को तैयार नहीं है. बताया जा रहा है कि केंद्र भी पूरी ताकत झोंकने का मन बना चुका है.

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    29 मार्च को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने आदेश दिया कि 31 मार्च को सदन में वोटिंग कराई जाए. शक्ति परीक्षण कराने के आदेश को केंद्र डबल बेंच में चुनौती देने को तैयार है. याचिका तैयार कर ली गई है.

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    बुधवार को याचिका पर सुनवाई हो सकती है. सूत्रों का कहना है कि याचिका पर बहस के लिए अटॉर्नी जनरल भारत सरकार मुकुल रोहतगी बहस करेंगे. उनका नैनीताल पहुंचने का कार्यक्रम तय हो चुका है.
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    माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी अटॉर्नी जनरल के साथ नैनीताल आ सकते हैं. बता दें कि अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता और अधिवक्ता नलिन कोहली को भी नैनीताल भेजा गया है.

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    आपको बता दें कि उत्तराखंड में 70 विधायकों में 36 कांग्रेस के विधायक हैं. इनमें से 9 बागी हो गए हैं. 27 विधायक बीजेपी के हैं. एक विधायक बीजेपी से निष्कासित है. तीन निर्दलीय विधायक हैं. 2 बीएसपी के विधायक हैं. एक उत्तराखंड क्रांति दल का विधायक है.

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    ऐसे में साफ है कि 31 मार्च को रावत की अग्निपरीक्षा है और उन्हें विधानसभा में बहुमत हासिल करना होगा. सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड हाइकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा हरीश रावत सरकार को बहुमत परीक्षण का मौका दिए जाने के फैसले को केंद्र सरकार डबल जज वाले बेंच के सामने चुनौती देगी.

    भाजपा के एक सूत्र ने कहा कि यह मामला शुद्ध रूप से तकनीकी और कानूनी लगता है. आज के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में या उसी उच्च न्यायालय की किसी बड़ी पीठ में चुनौती दी जा सकती है.

    सूत्र ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि उन्हें इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय लेने के लिए न्यायालय के आदेश की प्रति का इंतजार है. अपदस्थ मुख्यमंत्री रावत की एक याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने राज्य विधानसभा में बहुमत का फैसला होने तक राज्य में राष्ट्रपति शासन जारी रखने की अनुमति दे दी.

    न्यायालय ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए गए सभी नौ विधायकों को मतदान में हिस्सा लेने की अनुमति होगी. न्यायालय ने कहा कि मतदान का परिणाम शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाए. न्यायालय ने रजिस्ट्रार जनरल को विधानसभा में एक पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहने का आदेश दिया.

    इस बीच संवैधानिक मामलों के विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा कि फैसले का पूरा विवरण देखे बगैर, कोई टिप्पणी करना अनुचित होगा, लेकिन उच्च न्यायालय के पास कांग्रेस के नौ बागी विधायकों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को स्थगित करने या रद्द करने का अधिकार है.

    कश्यप ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर रोक लगाने या उसे रद्द किए बगैर अयोग्य ठहराए गए विधायक विश्वास मत में हिस्सा नहीं ले सकते. भाजपा के कई विधायकों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश में कुछ गड़बड़ है.

    एक सूत्र ने कहा कि हमें फिलहाल जो पता है, उसके अनुसार आदेश में 31 मार्च को एक शक्ति परीक्षण की बात कही गई है. लेकिन सच्चाई यह है कि विधानसभा निलंबित अवस्था में है और राष्ट्रपति के आदेश से ही इसका निलंबन समाप्त किया जा सकता है.

    भाजपा अपने बहस में कह सकती है कि इस तरह से सदन में बहुमत साबित नहीं किया जा सकता. एक अन्य सूत्र ने कहा कि संवैधानिक नियमों के अनुसार सिर्फ राज्यपाल ही किसी सदन की बैठक बुला सकते हैं. यह सामान्य तौर पर सदन के नेता की सिफारिश पर किया जाता है. इस समय हरीश रावत को सदन का नेता कहना भी बहस का विषय है.

    दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के आवास पर हुई बैठक

    उत्तराखंड में सियासी संकट के मामले पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के आवास पर 9 बजे दिल्ली में बैठक हुई.
    मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में केंद्रीय कानून मंत्री सदानंद गौड़ा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, सॉलिसिटर जनरल ने शिरकत की है. इस बैठक में नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले के बाद उपजे हालात पर चर्चा हुई.

    बीजेपी की विधायकों को दिल्ली बुलाने की तैयारी

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी के सभी विधायकों को दिल्ली बुलाने की तैयारी हो चुकी है. दिल्ली

    बीजेपी सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि सभी बीजेपी विधायक दिल्ली बुलाए जा सकते हैं. इसके साथ ही सभी विधायकों पर कड़ी निगरानी भी रखी जा रही है.

    कहा जा रहा है कि भाजपा के विधायक हाईकोर्ट के आदेश आने के साथ ही गायब हो गए हैं. उन्हें कहीं गुप्त स्थान पर भेजा जा रहा है. कैलाश विजयवर्गीय को भी कोलकाता से दिल्ली बुला लिया गया है.

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय
    को बुलवाया है. इसके साथ ही उत्तराखंड के भाजपा प्रभारी श्‍याम जाजू से भी अमित शाह ने फोन पर बात की है.

    केंद्र सरकार ने संसद के बजट सत्र का किया सत्रावसान

    केंद्र सरकार ने संसद के बजट सत्र का सत्रावसान कर दिया है. तकनीकी वजहों से बीच में ही सत्रावसान करना पड़ा.

    उत्तराखंड में बजट पास कराने के लिए अब केंद्र अध्यादेश लाएगा. गौरतलब है कि संसद सत्र के चालू रहते अध्यादेश नहीं लाया जा सकता था, इसलिए बजट सत्र का सत्रावसान कर दिया गया.

    बता दें कि एक अप्रैल से उत्तराखंड का बजट पारित होना था.

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