उत्तराखंडः सभी जिलों के Quarentine सेंटरों का जायजा लेंगे CJM, हाईकोर्ट ने 3 दिन में मांगी रिपोर्ट
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उत्तराखंडः सभी जिलों के Quarentine सेंटरों का जायजा लेंगे CJM, हाईकोर्ट ने 3 दिन में मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ SHO के एक प्रवासी थप्पड़ मारने और अन्य प्रवासियों को गाली देने के मामले में स्वास्थ्य सचिव को कार्रवाई करने को कहा.

कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को भी आदेश दिया है कि वे सभी क्वारंटाइन सेंटरों को अपग्रेड करें, इनमें खाने, रहने और शौचालय समेत सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें. इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि कोरोना (COVID-19) की जांच में तेजी लाएं.

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नैनीताल. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश में लौटे प्रवासियों के लिए बनाए गए क्वारंटाइन (Quarentine) सेंटरों की बदहाली की न्यूज़ 18 की ख़बरों का संज्ञान लेते हुए इस मामले में बड़ा आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने सभी जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकण के सचिवों यानि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि वे सभी क्वारंटाइन सेंटरों का निरीक्षण करें और 3 दिन के भीतर रिपोर्ट कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें. कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को भी आदेश दिया है कि वे सभी क्वारंटाइन सेंटरों को अपग्रेड करें, इनमें खाने, रहने और शौचालय समेत सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें. इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि कोरोना (COVID-19) की जांच में तेजी लाएं.

न्यूज़ 18 की ख़बरों का असर

पिछले दिनों से लगातार न्यूज 18 क्वारंटाइन सेंटरों में बदहाली की खबरें दिखा रहा था. जिसके बाद आज सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने कोर्ट में इस विषय को उठाया. उन्होंने कहा कि लगातार खबरें आ रही हैं कि क्वारंटाइन सेंटरों पर कोई भी सुविधा प्रवासी ग्रामीणों को नहीं मिल रही. इसी की वजह से बेतालघाट में एक बच्ची की सांप के काटने से मौत हो गई तो दूसरे क्वारंटाइन सेंटर में भी सांप निकला है. इसके अलावा कई स्थानों पर गुलदार के हमले की भी खबरें आम होने लगी हैं.



हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ एसएचओ द्वारा एक प्रवासी थप्पड़ मारने और अन्य प्रवासियों को गाली देने व मारने की धमकी देने के मामले का भी संज्ञान लिया और  स्वास्थ्य सचिव को एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई कर 2 जून तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा. मैनाली ने कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती हैतो कोर्ट अपने आदेशों की अवेहलना पर सख्त कार्रवाई कर सकती है.



सरकार ने किए हाथ खड़े

पिछले दिनों हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि रेड जोन से आने वाले प्रवासियों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था करें. लेकिन आज राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि उसके पास सीमा पर क्वारंटाइन किए जाने लायक सुविधाएं नहीं हैं. इसके साथ ही कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और देहरादून में क्वारंटाइन सेंटरों की व्यवस्था की जा रही है. कोरोना टेस्ट पर कोर्ट द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार ने कहा है कि 4000 टेस्ट रोज़ किए जा रहे हैं और इनमें तेजी लाने के लिये केन्द्र सरकार से पूछा है कि वह क्या मदद कर सकते हैं.

क्या है मामला

बता दें कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने को लेकर हाईकोर्ट में दुष्यंत मैनाली ने याचिका दाखिल की थी. इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कोरोना अस्पतालों में वेंटिलेटर समेत आईसीयू निर्माण के आदेश दिए थे. हालांकि इस दौरान सरकार ने कोर्ट में ये भी बताया कि राज्य के कोरोना अस्पतालों के अलावा अन्य अस्पतालों में भी सुविधा बेहतर करेगी.

इसके साथ ही हरिद्वार के रहने वाले सचिदानंद डबराल ने भी मौजूदा स्थिति को लेकर हाईकोर्ट मे एक जनहित याचिका दाखिल की थी. इसमें कहा गया था कि राज्य में करीब 2 लाख लोग आना चाहते हैं और राज्य से 40 हजार लोग वापस अपने राज्य जाना चाहते हैं, लेकिन राज्य सरकार के पास उनकी जांच सुविधा नहीं है. इससे पहाड़ों में कोरोना फैलने का खतरा बना हुआ है. याचिका में सभी लोगों को मेडिकल सुविधा देने की मांग की गई है.

हाईकोर्ट की चिंता

पहाड़ में कोरोना वायरस संक्रमण फैलने को लेकर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है. आज कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार इस मामले पर गम्भीरता दिखाए. इससे पहले भी हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि अगर बिना जांच के लोग गांव पहुंचे तो गांवों को बर्बाद होने से नहीं बचाया जा सकता है. इसकी वजह यह है कि अब भी गांवों में ढंग की स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं.

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