विपक्ष को घेरने के बजाय फिर आपस में ही उलझी कांग्रेस... प्रकाश जोशी और इंदिरा हृदयेश में ज़ुबानी जंग जारी

जिस विपक्ष को सरकार को घेरना चाहिए उत्तराखंड में उसके नेता आपस की लड़ाई में ही व्यस्त दिख रहे हैं.
जिस विपक्ष को सरकार को घेरना चाहिए उत्तराखंड में उसके नेता आपस की लड़ाई में ही व्यस्त दिख रहे हैं.

प्रदेश अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी में प्रकाश जोशी ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस के नेता सरकार को सही तरीके से नहीं घेर रहे हैं.

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हल्द्वानी. कांग्रेस के भीतर विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा. जिस विपक्ष को सरकार को घेरना चाहिए उसके नेता आपस की लड़ाई में ही व्यस्त दिख रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ जमकर ज़ुबानी तीर चलाए हैं. प्रकाश जोशी ने जहां इंदिरा हृदयेश पर सरकार के प्रति नरम रुख अख्तियार करने का आरोप लगाया है तो वहीं इंदिरा ने प्रकाश को नसीहत दी है कि वह पहले नेता बनकर दिखाएं. हालांकि दोनों नेताओं की बयानबाजी से पार्टी की स्थिति खराब होनी है, यही वजह है कि पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह डैमेज कंट्रोल में लग गए है.

चिट्ठी से शुरु हुआ विवाद

इंदिरा हृदयेश और प्रकाश जोशी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब प्रकाश जोशी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नाम एक चिट्ठी लिखी. चिट्ठी में प्रकाश जोशी ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस के नेता सरकार को सही तरीके से नहीं घेर रहे हैं. उन्होंने विशेष तौर पर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का नाम चिट्ठी में लिखा था.



जोशी ने लिखा था कि मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष की बात नहीं सुन रहे हैं लिहाज़ा विपक्ष को सीएम के खिलाफ और आक्रमक होना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कांग्रेस के अलग-अलग नेता एक ही मुद्दे पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं. जोशी का कहना था कि पार्टी लाइन पर बयानबाज़ी न होने से कांग्रेस की किरकिरी हो रही है.
बीजेपी को मिला मौका

कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई से बीजेपी को उस पर हमले का मौका मिल गया है. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के बेहतर कामों से विपक्ष के हाथ से मुद्दे निकल गए हैं. इसलिए कांग्रेस के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं. रावत करते हैं कि कांग्रेस मुद्दा विहीन हो चुकी है.

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