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कांग्रेस ने खोले बागी नेताओं के लिए अपने दरवाजे... पार्टी छोड़कर गए नेताओं की कुंडली खंगाल रहे प्रदेश प्रभारी

देवेंद्र यादव ने कहा कि वह ऐसे नेताओं से संपर्क की कोशिश करेंगे जो पार्टी में वापसी की इच्छा रखते हैं.
देवेंद्र यादव ने कहा कि वह ऐसे नेताओं से संपर्क की कोशिश करेंगे जो पार्टी में वापसी की इच्छा रखते हैं.

ल्द्वानी पहुंचे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि गुण, दोष और ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर नेताओं की घर वापसी संभव है.

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हल्द्वानी. प्रदेश कांग्रेस नेताओं में बागियों की वापसी को लेकर भले ही एक राय न हो लेकिन प्रदेश प्रभारी ने साफ कर दिया है कि ऐसे नेताओं की पार्टी में वापसी संभव है. कुमाऊं के पहले दौरे पर हल्द्वानी पहुंचे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने साफ कर दिया है कि गुण, दोष और ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर नेताओं की घर वापसी संभव है. इससे साफ़ है कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़कर गए बड़े नेताओं के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं. यानी कांग्रेस ऐसे नेताओं को दोबारा से पार्टी में शामिल कर सकती है. हालांकि देंवेंद्र यादव ने लगे हाथ ये भी साफ कर दिया है कि किसी की भी घर वापसी का अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा.

प्रभारी खंगाल रहे हैं कुंडली

जो नेता पार्टी से बगावत कर छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए उनके बारे में प्रदेश प्रभारी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. खुद देवेंद्र यादव ने यह बात कबूल करते हुए कहा कि वो ऐसे नेताओं से संपर्क की कोशिश करेंगे जो पार्टी में वापसी की इच्छा रखते हैं.



देवेंद्र यादव ने कहा कि नेताओं का पूरा एनालिसिस कर इस पर निर्णय होगा. प्रभारी ने साफ किया कि किसी भी मजबूत, साफ, बेदाग चेहरे को कांग्रेस में शामिल करने में कोई हिचक नहीं है. ऐसे लोगों के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं.
हरीश रावत बोले मालिक हैं प्रभारी

पूर्व सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत से जब बागियों की वापसी पर प्रभारी की राय के बारे में सवाल पूछा गया तो वह इस सवाल को टालने की कोशिश करते दिखे. बार-बार सवाल पूछने पर रावत बोले कि प्रभारी मालिक हैं.

हालांकि पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने कहा कि ये कांग्रेस का पारिवारिक मसला है. अगर ऐसे लोगों की वापसी होती है जिन्हें कभी कांग्रेस ने पौंधे से वटवृक्ष बनाया तो इससे पार्टी को खासा फायदा मिलेगा. बल्यूटिया ने प्रभारी की मंशा को बेहतर बताया.

इन नेताओं ने छोड़ी थी पार्टी

साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पूर्व सीएम विजय बहुगुणा से लेकर कद्दावर नेता यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, उमेश शर्मा काऊ जैसे बड़े कांग्रेस नेताओं ने पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था. इन नेताओं के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान हुआ था. कांग्रेस 2017 के चुनावों में महज 11 सीटों पर सिमट गई थी. पार्टी के प्रदेश प्रभारी के रुख से साफ है कि 2022 में वह डैमेज कंट्रोल करना चाहते हैं.
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