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COVID-19: पहली बार शहर से बाहर निकले नैनीताल के यह बंगाली शिक्षक... दूरस्थ गांवों तक पहुंचा रहे सहायता

नैनीताल सेंट जोसेफ़ के शिक्षक पिछले 26 सालों से नैनीताल में ज़रूर रह रहे हैं मगर उन्होंने पहली बार शहर से बाहर गांवों में कदम रखा है.

नैनीताल सेंट जोसेफ़ के शिक्षक पिछले 26 सालों से नैनीताल में ज़रूर रह रहे हैं मगर उन्होंने पहली बार शहर से बाहर गांवों में कदम रखा है.

शिक्षक एडविन डिगामा कहते हैं कि पिछले 26 सालों में नैनीताल ने न सिर्फ़ नौकरी दी बल्कि आज उनका घर भी यहीं है.

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नैनीताल. शिक्षक ने हमेशा ही समाज को दिशा दिखाई है और आशा की जाती है कि शिक्षक जाति, धर्म, बोली, भाषा से ऊपर उठकर युवा पीढ़ी को ज्ञान की रोशनी देंगे. बीते 26 साल से नैनीताल में शिक्षण कार्य कर रहे पश्चिम बंगाल के एडविन डिगामा एक प्रेरणादायक मिसाल कायम करने के मैदान मेंउतर गए हैं. नैनीताल सेंट जोसेफ़ के शिक्षक पिछले 26 सालों से नैनीताल में ज़रूर रह रहे हैं मगर उन्होंने पहली बार शहर से बाहर गांवों में कदम रखा है. न्यूज 18 की खबर और उनके अपने स्कूल सेंट जोसेफ़ ने डिमागा को ऐसा प्रेरित किया कि उन्होंने दूरस्थ गांव में लोगों को हर संभव मदद करने का निर्णय ले लिया और चल पड़े गांवों की ओर.

नैनीताल ने सब कुछ दिया  

पहाड़ के लोगों की मदद के लिए आगे आने पश्चिम बंगाल के शिक्षक एडविन डिगामा कहते हैं कि उनको नैनीताल ने सब कुछ दिया है. पिछले 26 सालों में नैनीताल ने न सिर्फ़ नौकरी दी बल्कि आज उनका घर भी यहीं है.

सेंट जोसेफ़ कॉलेज के शिक्षक डिगामा ने पाली, बगड़ गांव के ज़रूरतमंदों को न सिर्फ ज़रूरी सामान दिया बल्कि नैनीताल में मिली नौकरी और घर परिवार के सम्मान के बदले लोगों को कुछ देने का मन बना लिया.

डिगामा कहते हैं कि वह गांव तक पहली बार आए हैं और यह महसूस हो रहा है कि यहां के लोगों को वाकई इस वक्त मदद की ज़रूरत है. वह आशा करते हैं उनके इस प्रयास से उनके छात्रों और अन्य लोगों को प्रेरणा मिलेगी. डिमागा कहते हैं कि आगे भी इसी तरह से दूरस्थ गांवों में लोगों को मदद देने का काम करेंगे.

मदद का ख्याल

दरअसल लॉकडाउन के दौरान शहर में लोगों की जमकर मदद हो रही थी. गांव तक मदद न पहुंचने की खबर को न्यूज 18 ने दिखाई तो सेंट जोसेफ़ स्कूल, बिड़ला स्कूल, मदर्स हार्ट स्कूल के साथ अन्य शिक्षण संस्थाएं भी मदद के लिए आगे आई हैं

स्कूलों की मदद के बाद अब कई शिक्षक भी प्रशासन की अनुमति से पुलिस के साथ मिलकर ग्रामीणों की मदद के लिए आगे आने लगे हैं. इन लोगों की मदद करने के लिये आगे आए मल्लीताल थाने के कोतवाल अशोक कुमार का कहना है कि सेंट जोसेफ़ के धर्मेन्द्र शर्मा ने अपने स्कूल के साथ पहल शुरु की थी अब अन्य स्कूल भी आने लगे हैं और यह मुहिम जारी रहनी चाहिए.

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