नैनी झील में बदल गई अंग्रेज़ों की ज़माने की परंपरा... अबसे साढ़े आठ नहीं 10 फ़ीट पर मेनटेन होगा पानी

सितंबर महीने तक झील में पानी के स्तर को 10 फिट पर रखा जाएगा, जिसके बाद 30 सितंबर को झील के पानी को 12 फीट पर रखा जाएगा.

न्यूज़ 18 की ख़बर के बाद जुलाई में पहली बार छोड़ा गया पानी

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नैनीताल. सरोवर नगरी की नैनी झील इस बार जुलाई महीने में लबालब है. हांलाकि मंगलवाल की सुबह जिला प्रशासन कि अनुमति मिलने के बाद झील से पानी छोड़ दिया गया है. अब सितंबर महीने तक झील में पानी के स्तर को 10 फिट पर रखा जाएगा, जिसके बाद 30 सितंबर को झील के पानी को 12 फीट पर रखा जाएगा. पिछले दिनों न्यूज़ 18 ने भी इस बात को प्रमुखता से छापी था कि मानकों से ज्यादा पानी से झील में खतरे का अंदेशा है और सिंचाई विभाग के पत्र लिखने के बावजूद ज़िला प्रशासन से पानी छोड़ने की अनुमति नहीं मिली है. खबर छपने के बाद डीएम ने झील के पानी को छोड़ने के आदेश दिए और 10 फिट पर झील को मेंटेन रखने के आदेश दिए हैं.

इस बार रिकार्ड पानी है झील में

जनवरी से मार्च तक रहे ऑफ सीज़न के बाद लॉकडाउन के चलते पर्यटक नैनीताल नहीं पहुंचे तो स्कूल भी बंद रहे. शहर में पानी की रोस्टिंग लगातार की गई और 16 एमएलडी पानी के बजाए 8 से 9 एमएलडी पानी लोगों को दिया गया. इसके चलते झील का पानी मानसून शुरु होने के साथ ही लबालब रहा.

ऐसा पहली बार हुआ है कि झील का जलस्तर जुलाई में 11 फीट पर पहुंचा. इससे पहले 2015 में जुलाई में झील से पानी छोड़ा गया था लेकिन उस दौरान झील का जलस्तर साढ़े आठ फ़ीट ही था.

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चन्द्र सिंह कहते हैं कि झीलों के लिए बने मानकों के अनुसार पानी भरने के बाद जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया था. निर्देश मिलने के बाद आज झील से पानी को छोड़ा गया है और पर्यटन को देखते हुए झील में 10 फिट पानी रखने के निर्देश मिले हैं. हरीश चन्द्र सिंह कहते हैं कि जितना पानी झील में नालों से आ रहा है उतना ही छोड़ा जा रहा है ताकि झील को बेहतर रखा जा सके.

चिंता दूर

पिछले सालों में नैनी झील को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों में काफ़ी चिंता रही है. साल 2016 में झील का पानी इस कदर कम हुआ था कि झील के चारों तरफ डेल्टा उभर गए थे. इसके बाद पानी की रोस्टिंग की गई और झील अपनी रंगत में लौटने लगी.

नैनीताल के पर्यावरण प्रेमी राजेन्द्र लाल साह कहते हैं कि सालों पहले ऐसी स्थिति बनती थी मगर उस दौरान भी अंग्रेजों द्वारा बगाए गए मानकों के अनुरूप पानी छोड़ दिया जाता था. इस बार पानी जुलाई महीने में 11 फ़ीट पानी होना वाकई अच्छी बात है. राजेन्द्र लाल साह कहते हैं कि अगर ऐसी बारिश होती रही तो चिंता ज़रूर दूर होती है.

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