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वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा, रेल बजट से गायब हैं अच्छे दिन!

वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा, रेल बजट से गायब हैं अच्छे दिन!

रेल बजट को सूबे की वित्त मंत्री इंदिरा हदयेश ने बहुत निराशाजनक बताते हुए कहा कि रेल बजट से अच्छे दिन गायब हैं.

उन्होंने कहा है कि बजट में नई ट्रेन चलाने की बात कही गई, लेकिन प्रदेश में लम्बित टनकपुर बागेश्वर रेल और कर्णप्रयाग को जाने वाली रेल योजनाओं का जिक्र तक नहीं किया गया. जबकि प्रदेश सरकार ने रेल मंत्री से पर्यटन बढ़ाने के लिहाज देहरादून टू काठगोदाम के साथ दिल्ली से देहरादून के एक और शताब्दी ट्रेन की मांग की थी. इसके अलावा तराई को जोड़ने वाली ट्रेनों के बारे में कहा गया था. और इन सब मांगों पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हामी भी भरी थी. लेकिन आंकडों की बाजीगरी करते हुए इस बार भी प्रदेश को निराशा किया गया है.

बजट पर निराशा और हताशा जताते हुए वित्त मंत्री इंदिरा हदयेश ने प्रदेश के पांचों भाजपा सांसदों पर भी जमकर चुटकी ली है. उन्होने कहा है कि संसद में सांसदों की बात सुनी जाती है और उनके कुछ न कुछ दिया जाता है ताकि वे अपने इलाके में सिर उठाकर बता सके लेकिन यहां तो किसी कोई बात सुनी ही नही जाती है. पहले सांसद भगत सिंह कोश्यारी के कहने के बाद रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्ररी बंद कर दी गई और उनके कहने के बाद कोई रेल नहीं मिली. अब सांसद ही सोचे कि उनको कोई पूछ भी रहा है या नहीं.

वहीं बुजुर्ग, महिला, व्यापारियों ने रेल बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देते हुए इसे सामान्य बजट बताया है. हल्द्वानी निवासी राज बिष्ट ने कहा है कि इस बार का रेल बजट सामान्य बजट की ही तरह है. महिलाओं और बुजुर्गों के लिए हर बजट में प्रावधान होता है और कुछ समय पहले ही रेल किराया बढ़ाया गया था और अब माल भाडा बढ़ा दिया गया है.

वहीं व्यापारी रणवीर चंडोक का कहना है कि माल भाडा बढ़ने से महंगाई पर असर पडेगा. जबकि विजय कुमार और हाशिम अली क कहना है कि तीर्थ स्थानों के लिए चलाई जाने वाली नई ट्रेन एक बेहतर कदम है और महिलाओं के आरक्षित हुई सीटें और हेल्पलाइन काफी लाभदायक साबित होगे. बावजूद इसके रेल बजट काफी उत्साहित करने वाला नहीं है.

Tags: Rail Budget

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