Facebook पर बच्चों की अश्लील फोटो शेयर करता था मजदूर, नैनीताल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
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Facebook पर बच्चों की अश्लील फोटो शेयर करता था मजदूर, नैनीताल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
वनभूलपुरा थाना इंचार्ज सुशील कुमार के मुताबिक 2 जनवरी, 2020 को आरोपी ने फेसबुक पर बच्चों की अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट और शेयर की थी.

नैनीताल ज़िले (Nainital) में चाइल्ड पोर्नोग्राफी का पहला मामला सामने आया, तो पुलिस ने साइबर सेल के जरिए आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पिछले कई महीनों से निगाह रख रही थी पुलिस.

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हल्द्वानी. नैनीताल ज़िले (Nainital) में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में पुलिस ने पहला मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने यह मुकदमा स्वयं संज्ञान लेकर दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक अब सोशल नेटवर्किंग साइट (Social Site) पर लोगों की एक्टिविटी को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. इसी दौरान पुलिसकर्मियों की निगाह वनभूलपुरा के रहने वाले एक युवक के प्रोफ़ाइल पर पड़ी, जिसने बच्चों की अश्लील फोटो पोस्ट की हुई थी. इसके बाद पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाकर उसके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई. पुलिस इस आरोपी पर पिछले कई महीनों से निगाह रख रही थी.

वनभूलपुरा का है युवक

वनभूलपुरा थाना इंचार्ज सुशील कुमार के मुताबिक इसी साल 2 जनवरी, 2020 को आरोपी ने फेसबुक पर बच्चों की अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट और शेयर की थी. यह पता चलने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया कंटेंट पर नजर रखने वाली सर्विलांस टीम ने पड़ताल की. इसमें आरोपी की लोकेशन वनभूलपुरा मिली.



अश्लील कंटेंट पोस्ट करने वाले की पहचान आज़ाद नगर के 25 वर्षीय युवक के तौर पर हुई. वह स्थानीय बाज़ार में मज़दूरी करता है. पुलिस के अनुसार एविडेंस कलेक्शन किया जा रहा है, जैसे ही एविडेंस कलेक्ट हो जाएंगे उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
प्रतिबंधित है अश्लील कंटेंट

थाना इंचार्ज ने बताया कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा कोई भी वीडियो शेयर और ब्राउज करना अपराध है. इसलिए आरोपी दिलशाद के खिलाफ आईटी एक्ट (Information Technology Act) की धारा 67बी में मुकदमा दर्ज किया गया है.

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 बच्चों की अश्लील फोटो डालना, देखना या उससे जुड़ा कोई कंटेंट पोस्ट करना प्रतिबंधित है. एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में अगर आरोप साबित हो गए तो पांच साल तक की सज़ा हो सकती है.

आईटी एक्ट के तहत किए गए अपराधों को पुलिस पहले गंभीरता से नहीं लेती थी. लेकिन जैसे-जैसे तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है आईटी एक्ट से जुड़े अपराध भी बढ़े हैं. इसलिए पुलिस अब ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रही है क्योंकि सोशल नेटवर्किंग साइट इन अपराधों का नया अड्डा बन चुके हैं.
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