Home /News /uttarakhand /

घरवालों ने पूछा, ये रिश्ता क्या कहलाता है? तो हाईकोर्ट की शरण में पहुंचा समलैंगिक जोड़ा

घरवालों ने पूछा, ये रिश्ता क्या कहलाता है? तो हाईकोर्ट की शरण में पहुंचा समलैंगिक जोड़ा

दो समलैंगिक युवाओं को सुरक्षा देने के आदेश हाई कोर्ट ने दिए.

दो समलैंगिक युवाओं को सुरक्षा देने के आदेश हाई कोर्ट ने दिए.

Uttarakhand High Court News: उत्तराखंड के हाईकोर्ट के सामने एक अनूठा केस तब आया जब एक समलैंगिक जोड़े (Gay Couple) ने अपने परिवार के फैसले के खिलाफ मदद मांगी. इस जोड़े ने अपनी अर्ज़ी में विस्तार से बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस बारे में क्या रुख और गाइडलाइन्स रही हैं. तो उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उन्हें क्या जवाब दिया? इसके ​साथ ही यह भी जानिए कि उत्तराखंड की सरकार (Dhami Government) की नई क्रशर नीति को लेकर हाई कोर्ट में क्या बहस चल रही है. क्यों इस नीति को रद्द किए जाने के लिए एक याचिका हाई कोर्ट में दाखिल हुई है?

अधिक पढ़ें ...

नैनीताल. उत्तराखंड में यह पहला मौका है, जब कोई समलैंगिक युवा शादी करने के लिए हाईकोर्ट की शरण में पहुंचा है. उत्तराखंड में समलैंगिक विवाह के लिए दो युवाओं ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की है. इस मामले में दिलचस्प मोड़ तब आ गया, जब हाईकोर्ट ने उधमसिंह नगर के एसएचओ को आदेश देकर दोनों युवाओं को सुरक्षा देने को कहा. साथ ही, इस मामले में दूसरी पार्टी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने की बात भी कोर्ट ने कही है. परिवार वालों के विरोध के चलते यह मामला नैनीताल स्थित हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस की बेंच में पहुंचा है.

उधमसिंह नगर ज़िले के दो समलैंगिक युवकों की याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की बेंच ने एसएसपी उधमसिंह नगर और एसएचओ रुद्रपुर को पुलिस प्रोटेक्शन देने का आदेश दिया. युवाओं ने अपनी याचिका में बताया कि वो लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं. दोनों आपस में शादी करना चाहते हैं, लेकिन घरवाले इसका विरोध कर रहे हैं, जिसके चलते दोनों डरे हुए हैं. हाईकोर्ट से पुलिस सुरक्षा की मांग याचिका में दोनों ने की, तो कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया. बता दें कि शादी के लिए समलैंगिक युवकों द्वारा उत्तराखंड हाईकोर्ट की शरण में आने का ये पहला मामला है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी समलैंगिक संबंधों को मान्यता दी है और यह अपराध की श्रेणी में नहीं है. समलैंगिकों की भावनाओं को सामान्य नागरिकों की तरह ही माना जा चुका है. याचिका में यह भी बताया गया कि 2013 में, एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने इसे अपराध माना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को पलट दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिवर्तन ज़रूरी है.

Uttarakhand high court, nainital high court, salman khurshid case, salman khurshid controversy, उत्तराखंड हाई कोर्ट, नैनीताल हाई कोर्ट, हाई कोर्ट आदेश, सलमान खुर्शीद विवाद, aaj ki taza khabar, UK news, UK news live today, UK news india, UK news today hindi, UK news english, Uttarakhand news, Uttarakhand Latest news, उत्तराखंड ताजा समाचार, nainital news, नैनीताल समाचार

नैनी​ताल स्थित उत्तराखंड हाई कोर्ट भवन.

स्टोन क्रशर मामले में सरकार को नोटिस

इधर, एक अन्य मामले में उत्तराखंड सरकार की स्टोन क्रशर नीति को भी हाईकोर्ट में चुनौती मिली. चीफ जस्टिस कोर्ट ने उद्योग सचिव के साथ ही डीएम उधमसिंह नगर और राज्य प्रदूषण बोर्ड को नोटिस जारी कर 3 हफ्तों में जवाब मांगा. एक याचिका में स्टोन क्रशर नीति 2021 को निरस्त करने की मांग की गई है, तो वहीं स्टोन क्रशर नीति 2020 को पहले ही कोर्ट में चुनौती मिल चुकी है, जिस पर कोर्ट का फैसला आना बाकी है.

यूएस नगर के गांधीनगर निवासी प्रेम सिंह रावत ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार की स्टोन क्रशर नीति 2021 को चुनौती देते हुए कहा कि इस नीति में नदी से 1 किलोमीटर की दूरी पर क्रशिंग की शर्त को 500 मीटर कर दिया गया और बरसाती नालों के मामले 50 मीटर. इस फैसले को पर्यावरण और वन्यजीवन के खिलाफ बताते हुए आर्टिकल 21 के तहत जीवन जीने के मौलिक अधिकार का हनन भी बताया गया.

Tags: Homosexual Relation, Uttarakhand high court

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर