बिजलीकर्मियों को मुफ़्त बिजली: UPCL के GM ने कहा हर महीने बस 12000 से ज़्यादा यूनिट खर्च की

यूपीसीएल जीएम (UPCL GM) ने बिजली विभाग के तीन निगमों के कर्मचारियों को मुफ्त के भाव से बिजली दिए जाने की बात स्वीकार की है.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: August 13, 2019, 5:57 PM IST
बिजलीकर्मियों को मुफ़्त बिजली: UPCL के GM ने कहा हर महीने बस 12000 से ज़्यादा यूनिट खर्च की
यूपीसीएल जीएम ने बिजली विभाग के तीन निगमों के कर्मचारियों को मुफ्त के भाव से बिजली दिए जाने की बात स्वीकार की और कहा कि ऐसा नियमों के तहत किया जा रहा है.
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: August 13, 2019, 5:57 PM IST
बिजली विभाग के कर्मचारियों को फ्री बिजली (Free Electricity) देने के मामले पर राज्य सरकार (Uttarakhand Government) ने नैनीताल हाईकोर्ट (Nainital High Court) में जवाब दाखिल किया है. यूपीसीएल के जीएम (GM, Uttarakhand Power Corporation Limited) की ओर से दाखिल जवाब में याचिका में उन पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया. हालांकि यूपीसीएल जीएम (UPCL GM) ने बिजली विभाग के तीन निगमों के कर्मचारियों को मुफ्त के भाव से बिजली दिए जाने की बात स्वीकार की और कहा कि ऐसा नियमों के तहत किया जा रहा है.

यूपी के नियम को आधार बना दे रहे छूट 

यूपीसीएल जीएम की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि जो बिन्दु याचिका में उठाए गए हैं वे बिल्कुल गलत हैं. इसमें कहा गया कि 2005 से लेकर 2018 तक उन्होंने कुल मिलाकर 1,19,000 यूनिट बिजली खर्च की है. मार्च 2018 से जुलाई 2018 तक मात्र 18,272 यूनिट ही खर्च की हैं.

इस जवाब में यह भी बताया गया कि यूपीसीएल (Uttarakhand Power Corporation Limited), यूजेवीएनएल (Uttarakhand Jal Vidyut Nigum Limited) और पिटकुल (Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited) के मौजूदा, रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलाकर 7,040 कर्मचारियों को यूपी स्टेट विद्युत बोर्ड (UP State Electricity Board) के नियमों के तहत छूट दी जा रही है अगर किसी ने पैसा जमा नहीं किया है तो विभाग उससे वसूली कर रहा है.

जितनी मर्ज़ी बिजली खर्च करने की चुनौती 

बता दें कि आरटीआई क्लब उत्तराखण्ड ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर राज्य में लगातार बढाए जा रहे बिजली के शुल्क को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि विभाग ने अपने छोटे-बड़े अधिकारियों का 100 से 500 रुपये महीना बिल फ़िक्स कर दिया है, बिजली चाहे जितनी ख़र्च की जाए.

इतना ही नहीं इन अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में जो मीटर लगे हैं वह या तो ख़राब हैं या फिर हैं ही नहीं और इसकी परवाह कोई नहीं करता.
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मौज करें ये, भरे जनता 

याचिका में कहा गया है कि यूपीसीएल के जीएम ने एक महीने में 92,000 यूनिट बिजली खर्च की जिसका बिल एक लाख से ऊपर था लेकिन इसके एवज में उन्होंने सिर्फ़ 425 रुपये ही जमा किए. यग सिर्फ़ इसलिए हुआ क्योंकि वह क्योंकि वह यूपीसीएल के अधिकारी हैं.

याचिका में कहा गया है कि ये लोग जो मुफ़्त के भाव बिजली खर्च कर रहे हैं उसका पैसा भी जनता से लिया जा रहा है. याचिका में इस तहर से चल रहे फर्जीवाड़े और बिजली घोटाले को बंद करने की मांग की गई है. यूपीसीएल जीएम के जवाब दाखिल करने के बाद आज हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को 10 दिन के भीतर अपना शपथ पत्र कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया है.

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First published: August 13, 2019, 5:52 PM IST
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