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नैनीताल के किसानों के लिए खुशखबरी! मशरूम की खेती और मौन पालन की मुफ्त ट्रेनिंग

नैनीताल के किसानों के लिए खुशखबरी! मशरूम की खेती और मौन पालन की मुफ्त ट्रेनिंग

यहां

यहां कई गांव के किसानों को ट्रेनिंग दी जाती है.

यहां एक मशरुम सेंटर भी स्थित हैं, जहां किसानों को सिर्फ मशरुम की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है. 

    नैनीताल के ज्योलीकोट में जिले का काफी पुराना हॉर्टिकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग डिपार्टमेंट स्थित है. इस केंद्र में राज्य के मशरुम सेंटर और मौन पालन केंद्र हैं, जहां किसानों को इससे जुड़े विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है. शहर से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस जगह पर नैनीताल जिले के कई गांव के किसानों को ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे वह अपने स्वरोजगार का जरिया खुद बना सकें.

    ज्योलीकोट स्थित इस केंद्र की स्थापना साल 1938 में हुई थी. मौन पालन केंद्र में किसानों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां के प्रवक्ता पीएस कनवाल बताते हैं कि मौन पालन को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किसानों को इसका प्रशिक्षण दिया जाता है. पूरे उत्तराखंड के जनपदों में स्थित अलग-अलग केंद्रों का संचालन इसी केंद्र से होता है.

    यहां एक मशरुम सेंटर भी स्थित हैं, जहां किसानों को सिर्फ मशरुम की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है. सीनियर हॉर्टिकल्चर इंस्ट्रक्टर रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि नीदरलैंड और भारत सरकार ने मिलकर इस सेंटर की स्थापना की थी. यहां किसानों को तीन और 7 दिनों का प्रशिक्षण मुफ्त दिया जाता है. कोरोना महामारी की वजह से लोगों ने महानगर छोड़ वापस अपने-अपने गांवों की ओर रुख किया था. इस दौरान प्रवासी और बेरोजगार लोगों का मशरुम की खेती की ओर काफी रुझान बढ़ा.

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