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नैनीताल की ठंडी सड़क नहीं देखी तो क्‍या देखा, इस रोड पर बने हैं कई सिद्ध मंदिर

Nainital News: नैनीताल के तल्लीताल से मल्लीताल की ओर को जाते हुए ठंडी सड़क पर सबसे पहला मंदिर पाषाण देवी (Pashan Devi Temple) का है. इसके बाद भगवान भोलेनाथ और श्री 1008 गोलू देवता समेत कई मंदिर हैं.

    (रिपोर्ट- हिमांशु जोशी)

    नैनीताल. सरोवर नगरी नैनीताल में तल्लीताल से मल्लीताल को जोड़ती ठंडी सड़क (Thandi Sadak in Nainital) पर्यटकों को काफी लुभाती है. यहां का पैदल रास्ता पेड़-पौधों की हरियाली से घिरा है. इस सड़क की खासियत यह भी है कि रास्ते में पर्यावरण के साथ ही अलग-अलग मंदिरों के दर्शन करने का मौका मिलता है. तल्लीताल से मल्लीताल की ओर को जाते हुए सबसे पहला मंदिर पाषाण देवी (Pashan Devi Temple) का है. इस मंदिर में देवी की 9 पिंडियां हैं, जो माता के 9 रूपों को दर्शाती हैं.

    वहीं, नैनीझील के किनारे एक चट्टान पर मां भगवती की आकृति बनी है. मान्यता है कि मां भगवती यहां हजारों वर्षों से विराजमान होकर इन पहाड़ी इलाकों की रक्षा कर रही हैं. जबकि मंदिर के ठीक बगल में मां सरस्वती का मंदिर भी है. इस मंदिर में सुबह-शाम आरती होती है और नवरात्रि के दौरान भंडारे का आयोजन होता है.

    पाषाण देवी मंदिर के नीचे की ओर ताल से सटा हनुमान जी का एक मंदिर स्थित है. ताल के नजदीक होने की वजह से सुरक्षा को देखते हुए इस मंदिर को बंद ही रखा जाता है. हालांकि दूर से लोग इस मंदिर के दर्शन कर आगे बढ़ जाते हैं.

    भगवान भोलेनाथ समेत कई मंदिर हैं मौजूद
    थोड़ा सा आगे बढ़ने पर भगवान भोलेनाथ का मंदिर देखने को मिलता है. यहां एक छोटी सी गुफा है, जिसमें भगवान शंकर का शिवलिंग स्थापित है. महाशिवरात्रि के दिन यहां काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

    आगे बढ़ने पर चट्टान से लगा श्री 1008 गोलू देवता का मंदिर देखने को मिल जाएगा. गोलू देवता उत्तराखंड में न्याय के देवता माने जाते हैं. नैनीताल जिले में कई स्थानों पर गोलू देवता के मंदिर देखने को मिल जाएंगे, जिनमें एक मंदिर ठंडी सड़क में भी स्थित है.

    इस मंदिर के ठीक बगल में भगवान शनिदेव का मंदिर है. इस मंदिर के लिए कहा जाता है कि वर्षों पहले यहां किसी ने चट्टान पर शनिदेव की एक मूर्ति रखी थी. धीरे-धीरे यहां लोगों ने शनिवार के दिन तेल चढ़ाना शुरू किया. देखते ही देखते इसका निर्माण हो गया और आज यह भव्य मंदिर के रूप में स्थित है. ठंडी सड़क से गुजरने वाले लोग इस मंदिर के दर्शन करने से भी नहीं चूकते. जबकि आगे चल कर यह सड़क नैनीताल के प्रमुख मंदिर मां नयना देवी के समीप मिलती है, जो मल्लीताल में स्थित है. यहां हर दिन भक्तों का तांता लगा रहता है. देश-विदेश से पर्यटक नैनीताल के इस प्रमुख मंदिर के दर्शन को आते हैं. यहां हर साल मनाया जाने वाला नंदा देवी महोत्सव विश्व विख्यात है.

    Tags: Nainital news, Nainital tourist places

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