शाही शादी : नदी और जलस्रोत के प्रदूषण पर HC ने मांगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्लास्टिक का इस्तेमाल हुआ. साथ ही शादी में जो 200 कर्मचारी लगे थे, उनके लिए कोई भी शौचालय नहीं बनाया गया था.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: July 17, 2019, 1:43 PM IST
शाही शादी : नदी और जलस्रोत के प्रदूषण पर HC ने मांगी रिपोर्ट
नैनीताल - हाईकोर्ट में गुप्ता परिवार की शादी पर सुनवाई
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: July 17, 2019, 1:43 PM IST
गुप्ता परिवार भले ही शादी कर औली से चला गया हो मगर राज्य सरकार की शादी के बाद दिक्कतें बढ़ गई हैं. आज हाईकोर्ट में गुप्ता परिवार की शादी के मामले पर सुनवाई कर कोर्ट ने राज्य सरकार को फिर 1 हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट में दाखिल डीएम और प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट में सामने आया कि शादी में हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्लास्टिक का इस्तेमाल हुआ. साथ ही शादी में जो 200 कर्मचारी लगे थे, उनके लिए कोई भी शौचालय नहीं बनाया गया था. कोर्ट ने मामले को गम्भीर मानते हुए राज्य प्रदूषण बोर्ड से पूछा है कि जो मल बहकर धौलीगंगा में गया, उससे कितना नदी का पानी व जलस्रोत दूषित हुए हैं. कोर्ट ने इसकी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

इसके साथ ही याचिकाकर्ता द्वारा आज कोर्ट में वाडिया, जीवी पंत व फॉरेस्ट रिसर्च इस्टीट्यूट व नेहरु पर्वतारोहण संस्थान को पक्षकार बनाने का पत्र दिया गया. इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. ये संस्थान औली के बुग्याल होने ना होने व पर्यावरण के नुकसान का आकलन करेगी. इसके साथ ही कोर्ट में आज बताया गया कि अजैविक कूड़े को हरिद्वार ले जाया गया है जबकि जैविक कूड़े को औली में गढ्ढों में कम्पोस्ट बनाने के लिए डाल दिया गया है.

कोर्ट ने नारजगी व्यक्त की

कोर्ट ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जैविक कूड़े को भी निकालकर तुरंत ले जाया जाए. इस कार्य में जो खर्च आता है वो गुप्ता परिवार व शादी समारोह में काम कर रही कम्पनी से लिया जाए. आपको बता दें कि राज्य सरकार ने औली में गुप्ता परिवार की शादी कराने को लेकर रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया था. इसके बाद हाईकोर्ट में रक्षित जोशी ने पर्यावरण को नुकसान का हवाला देते हुए शादी को रोकने की मांग की थी.

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First published: July 17, 2019, 1:01 PM IST
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