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गंगा में न गिरें नाले... नालों पर एसटीपी बने या डायवर्ट करें- हाईकोर्ट

नैनीताल हाईकोर्ट (फ़ाइल फ़ोटो)

नैनीताल हाईकोर्ट (फ़ाइल फ़ोटो)

कोर्ट ने हरिद्वार नगर निगम को भी आदेश दिया है कि 72 घाटों की सफाई के लिए 21 दिन के भीतर टेण्डर करें.

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गंगा की निर्मलता को बनाए रखने के लिए उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक और बड़ा आदेश दिया है. नैनीताल हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि गंगा में गिरने वाले 65 नालों पर रोक लगाए. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक इन खुले नालों की सफ़ाई के लिए एसटीपी नहीं लगाया जाता है तब तक इनको सीज करें या फिर इनको अन्य स्थानों के लिए डायवर्ट करें. कोर्ट ने हरिद्वार नगर निगम को भी आदेश दिया है कि 72 घाटों की सफाई के लिए 21 दिन के भीतर टेण्डर करें.

जस्टिस राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज तिवाड़ी की बेंच ने आदेश दिया है कि तीन महीने के भीतर तपोवन में एसटीपी प्लांट को चालू करें. इसके साथ ही देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, ज्ञानसू में एसटीपी का कार्य 6 महीने के भीतर पूरा करें. रुद्रप्रयाग, गोपेश्वर में अप्रैल 2019 तक एसटीपी का निर्माण करें.

खंडपीठ ने अपने आदेश में हरिद्वार, बद्रीनाथ,जोशीमठ, मुनी की रेती, ऋषिकेश के प्रोजेक्टों को 2020 तक पूरा करने के आदेश जारी किए हैं. कोर्ट ने कहा है कि इसके लिए जिलों के डीएम को ज़िम्मेदार होंगे.



(वीरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट)
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