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नैनीताल से निकले हरीश रावत को भी लखीमपुर जाने से रोका, UP बॉर्डर पर धरने में बोले हरदा- जारी रहेगा आंदोलन

यूपी बॉर्डर पर धरने पर बैठे हरीश रावत.

यूपी बॉर्डर पर धरने पर बैठे हरीश रावत.

Lakhimpur Kheri Case : पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस पहले से तैयार थी. उत्तराखंड से आ रहे रावत को रोकने के लिए बैरिकैडिंग की गई थी ओर और फोर्स तैनात थी. सूचनाएं बाधित कर यहां मोबाइल नेटवर्क भी बंद किया गया था .

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    नैनीताल/बरेली. लखीमपुर खीरी मामले में उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर गुरुवार को भी हंगामा होता रहा. कांग्रेस के कई नेताओं और मीडिया तक को भी लखीमपुर जाने से रोकने की खबरें आती रहीं. इसी बीच सैकड़ों वाहनों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ नैनीताल हाईवे से विरोध मार्च लेकर लखीमुपर के लिए निकले उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत को बरेली के पास बॉर्डर पर यूपी पुलिस ने रोक दिया. रोके गए रावत ने मुकर्रमपुर टोल प्लाज़ा पर ही धरना दिया और तीन घंटे के ज़ोरदार प्रदर्शन के बीच रावत उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के लिए रवाना हो गए. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का यह विरोध जारी रहेगा.

    लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए गुरुवार दोपहर तक हरीश रावत भारी संख्या में कांग्रेसियों के साथ यूपी बॉर्डर पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पार नहीं करने दिया. यही नहीं, मुड़िया मुकर्रमपुर टोल प्लाज़ा और उसके पास के बहेड़ी के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क को भी बंद कर दिया गया ताकि लोग एकजुट न हो सकें. यहां रावत और उनके समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई और तकरीबन 20 मिनट की गहमागहमी के बाद पुलिस ने रावत और अन्य कांग्रेसियों को हिरासत में लिया वे वहीं धरने पर बैठ गए.

    बॉर्डर पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता

    हरीश रावत के मार्च को यूपी बॉर्डर पर रोके जाने के दौरान जो वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किए गए, उनमें सैकड़ों वाहनों का हुजूम नज़र आया. उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी हरीश रावत के साथ ही थे . उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज नेता तिलक राज बेहड़, गोविंद सिंह कुंजवाल, नारायण पाल, अशफाक सकलैनी, केके दीक्षित, दर्शन सिंह कोहली, सलीम अख्तर और अजय शुक्ला जैसे कई नेता रावत के साथ इस मार्च में शामिल रहे.

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    ‘लोकतंत्र, किसान, संविधान बचाने का आंदोलन जारी रहेगा’

    मुकर्रमपुर टोल के पास धरना देते हुए रावत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हत्यारों के बजाए विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को ‘लोकतंत्र का गला घोंटा जाना’ करार दिया. एक वीडियो जारी करते हुए रावत ने साफ तौर पर कहा, ‘लखीमपुर चलो, किसानों का साथ दो, लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, उत्तराखंड से रासुका हटाओ और हत्यारों को गिरफ्तार करो, इन मांगों के साथ उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आंदोलन न्याय मिलने तक जारी रहेगा.’

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    कई दिग्गज कांग्रेस नेताओं को रोका गया

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कई वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर जारी करते हुए बताया कि राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी को भी लखीमपुर जाने से रोका गया. पंजाब कांग्रेस के पदाधिकारी नवजोत सिंह सिद्धू को भी लखीमपुर नहीं जाने दिया गया. यही नहीं, मीडियाकर्मियों को भी रोके जाने का वीडियो भी जारी हुआ है.

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