हाईकोर्ट ने पूछा- पर्यटन स्‍थलों पर जाम से निजात दिलाने के लिए क्‍या किया?

नैनीताल हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने मंगलवार को गृह विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश दिया है कि वे तीन हफ्तों के भीतर ये बताएं कि पर्यटन स्‍थलों पर जाम से निजात दिलाने के क्या इंतजाम किए गए हैं.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: June 13, 2018, 10:04 AM IST
हाईकोर्ट ने पूछा- पर्यटन स्‍थलों पर जाम से निजात दिलाने के लिए क्‍या किया?
हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए अधिवक्‍ता अजय वीर पुंडीर.
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: June 13, 2018, 10:04 AM IST
उत्‍तराखंड के पर्यटन स्थलों पर लग रहे जाम पर नैनीताल हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने मंगलवार को गृह विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश दिया है कि वे तीन हफ्तों के भीतर ये बताएं कि जाम से निजात दिलाने के क्या इंतजाम किए गए हैं.

हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए अधिवक्‍ता अजय वीर पुंडीर ने बताया कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि यातायात के सफल संचालन में राज्य की पुलिस नाकाम रही है. अगर कोई बाहरी एजेंसी इसके लिए कार्य कर सकती है तो वो भी कोर्ट में बताएं. कोर्ट ने एनएचआई को भी निर्देश दिए हैं कि रूड़की से लेकर हरिद्वार देहरादून तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण कर उसकी भी प्रगति रिपोर्ट पेश करें.

आपको बता दें कि रूड़की के अख्तर मलिक ने हाई कोर्ट मे जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि रूड़की-हरिद्वार हाईवे- 58 पर लगातार जाम की स्थिति बन रही है. इसके चलते यहां कई बार सड़क हादसे भी हो रहे हैं. याचिका में कहा गया कि अवैध टैक्टर ट्राली और ट्रक से भी जाम लगने की समस्या बन रही है.

याचिका में कहा गया कि एनएच-58 में काफी समय से निर्माण कार्य लम्बित है, जिसके चलते वहां रखी निर्माण सामग्री भी हादसों को बढ़ावा दे रही है. कोर्ट ने जनहित याचिका का संज्ञान पूरे राज्य के लिए लेते हुए मंगलवार को सरकार को आदेश दिए हैं. कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई तीन हफ्तों के बाद करेगी.
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