नैनीताल के होटल मालिक बोले- लॉकडाउन में काम बंद फिर भी बांटी सैलरी, अब हमें राहत दो सरकार!
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नैनीताल के होटल मालिक बोले- लॉकडाउन में काम बंद फिर भी बांटी सैलरी, अब हमें राहत दो सरकार!
होटल इंडस्ट्री में कॉन्टैक्टलेस चेक-इन व चेक-आउट पर रहेगा जोर

कोरोना वायरस (COVID-19) को लेकर लागू लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से नैनीताल में होटल पूरी तरह बंद हैं. इस साल आगे भी काम चलने की उम्मीद नहीं बची है.

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नैनीताल. कोरोना वायरस (COVID-19) को लेकर लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बीच काम बंद होने के बाद भी प्रधानमंत्री की अपील का नैनीताल के होटल मालिकों ने पालन किया है. नैनीताल होटल एसोसिएशन ने अपने सभी कर्मचारियों की मार्च की तनख्वाह दे दी है. इसके साथ  ही होटल एसोसिएशन ने राज्य सरकार को एक पत्र लिखकर कहा है कि काम बंद होने से उनकी आमदनी बंद हो गई है, आगे कैसे कर्मचारियों को तनख्वा दी जाएगी इस पर विचार करें. एसोसिएशन ने सरकार से स्थितियों की समीक्षा तुरंत इस मामले पर फ़ैसला करने को कहा है.

20 मार्च से बंद हैं होटल

उत्तराखण्ड होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दिनेश साह ने कहा कि राज्य सरकार को जल्द फैसला लेना होगा कि टैक्स में छूट मिलेगी या नहीं क्योंकि 20 मार्च से होटल पूरी तरह बंद हैं और आगे भी काम चलने की उम्मीद इस साल नहीं बची है. इसलिए सरकार को पर्यटन उद्योग के लिए पैकेज देना चाहिए.



बता दें कि नैनीताल में 20 मार्च से होटल बंद हैं जिसके बाद होटल रेस्टोरेंट मालिकों ने अपने कर्मचारियों को अ‌वकाश पर भेज दिया था. काम बंद होने का सीधा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ा है और इसकी वजह से होटल मालिकों के लिए अपने कर्मचारियों की तनख्वाह देना भी मुश्किल हो रहा है.



ये हैं मांगें

नैनीताल होटल एसोसिएशन ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि उनको इस संकट के दौर में उबारा जाए. नैनीताल होटल एसोसिएशन ने सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि बैंक किस्तों को 6 महीने तक टालने के साथ ही इस अवधि के ब्याज को माफ़ किया जाए.

इसके अलावा पत्र में निम्न मांगें और की गई हैं...

जीएसटी के स्लैब 12 से घटाकर 5 फ़ीसदी और 18 फ़ीसदी से घटाकर 12 फ़ीसदी करें.

कम से कम दो साल के लिए जीएसटी 'छह मास का' लिया जाए.

जल शुल्क व सीवरेज शुल्क को माफ़ किया जाए.

लॉकडाउन की स्थिति में लोगों को बिजली में यूपी की तरह छूट मिले.

लॉकडाउन के बाद पर्यटन को उबारने के लिए और बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन दिए जाएं.

पर्यटन सीज़न

नैनीताल समेत पहाड़ में पर्यटन सीजन 15 अप्रैल से शुरु हो जाता है और इस दौरान पहाड़ों में देश भर से पर्यटक पहुंचते हैं. देश भर के लोगों को पहाड़ों की ठंडी आबोहवा खींच लाती है और अमूमन एक जुलाई तक चलने वाले पर्यटन सीज़न में यहां मेले जैसा माहौल होता है.

पर्यटकों के पहाड़ आने से राज्य को भी भारी राजस्व मिलता है तो लाखों परिवार इस उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हैं. पर्यटन सीजन के दौरान ना सिर्फ होटल उद्योग चलता है बल्कि नाव, टैक्सी-बस, रेस्टरॉं के साथ ही राशन, सब्ज़ी सभी कामों से लोगों को रोज़गार मिलता है मगर लॉकडाउन के बाद से ही यहां काम ठप है तो लोगों के सामने रोज़गार का संकट भी खड़ा हो गया है.

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