700 करोड़ से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले में हाईकोर्ट से गीताराम नौटियाल की अग्रिम ज़मानत याचिका फिर खारिज
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700 करोड़ से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले में हाईकोर्ट से गीताराम नौटियाल की अग्रिम ज़मानत याचिका फिर खारिज
700 करोड़ से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले में हाईकोर्ट ने गीताराम नौटियाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है.

गीताराम नौटियाल (Geetaram Nautiyal) पर आरोप है कि उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी (Social Welfare Officer) रहते वक्त छात्रों के खातों (Students account) में पैसा देने के बजाए कॉलेजों के खातों (College Account) में पैसे को जारी किया.

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नैनीताल. उत्तराखंड के सबसे बड़े घोटालों में से एक छात्रवृत्ति घोटाले के मुख्य आरोपी माने जा रहे समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक गई है. आज हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है. बता दें एक महीने पहले भी हाईकोर्ट ने गीताराम नौटियाल की अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया था और आज फिर उन्हें झटका लगा है.

अब तक 17 गिरफ़्तारियां

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने गीताराम नौटियाल को आरोपी बनाया है, जिससे बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि छात्रवृत्ति घोटाला 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का है और इतने गंभीर मामले में आरोपी की गिरफ़्तारी पर स्टे नहीं दिया जा सकता.



बता दें कि 700 करोड़ रुपये से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी अब तक घोटाले में कई गिरफ़्तारियां कर चुकी है. अब तक इस मामले में समाज कल्याण विभाग के चार अधिकारियों और 13 कॉलेज मालिकों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है.



गिरफ़्तारी पर रोक 

गीताराम नौटियाल पर आरोप है कि उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी रहते वक्त छात्रों के खातों में पैसा देने के बजाए कॉलेजों के खातों में पैसे को जारी किया.

एसआईटी के इस छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी बनाने के बाद नौटियाल गिरफ़्तारी से बचने के लिए एसटीएससी आयोग की शरण में चले गए थे और उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया था. आयोग ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.

रोक हटी और ज़ुर्माना लगा 

17 सितंबर को एक जनहित याचिका पर फ़ैसला करते हुए उनकी गिरफ़्तारी पर लगी रोक हटा दी थी और नौटियाल पर 25000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था. नौटियाल इसके बाद फिर गिरफ़्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए थे जिसे आज मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने खारिज कर दिया.

हालांकि गीताराम नौटियाल के पक्ष के लोग अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं.

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