कुमाऊं विवि ने फर्जी डिग्री मामले में अब तक दर्ज नहीं कराई एफआईआर

कनाडा उच्चायोग की ओर से वर्ल्ड एजुकेशन सर्विस के माध्यम से सत्यापन के लिए 50 डिग्रियां भेजी गई हैं. इनमें कुमाऊं विवि की एक दर्जन डिग्री फर्जी निकली हैं.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: January 2, 2019, 4:57 PM IST
कुमाऊं विवि ने फर्जी डिग्री मामले में अब तक दर्ज नहीं कराई एफआईआर
डीके नौडियाल, कुलपति कुमाऊं विवि नैनीताल
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: January 2, 2019, 4:57 PM IST
कुमाऊं विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्रियों के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करा सका है. बड़ी संख्या में फर्जी डिग्री के मामले सामने आने के बाद भी कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के पते मिलने के बाद ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कर रहा है.

इस बारे मे कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय डीके नौडियाल ने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय ने


फर्जी डिग्री मामले में कनाडा उच्च आयोग से छात्रों के नाम व पते मांगे हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए 5 जनवरी तक इंतजार किया जाएगा. इस बारे में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा जाएगा ताकि फर्जी छात्रों के पते मिल जाएं. उन्होंने कहा कि बिना पता दिए किसी नाम से एफआईआर दर्ज कराने पर पुलिस भी कुछ नहीं कर पाएगी.

बता दें कि कनाडा उच्चायोग की ओर से वर्ल्ड एजुकेशन सर्विस के माध्यम से सत्यापन के लिए 50 डिग्रियां भेजी गई हैं. इनमें कुमाऊं विवि की एक दर्जन डिग्रि‍यां फर्जी निकली हैं. इनमें डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रोफेशनल एमबीए, बीटेक ऐसी डिग्रियां थीं जो विवि द्वारा दी ही नहीं जाती हैं.

फर्जीवाड़े की हद ये है कि इन डिग्रियों में पूर्व कुलपति प्रो. एचएस धामी को रजिस्ट्रार बताकर फर्जी दस्तखत किए गए हैं. इसके अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा, असिस्टेंट रजिस्ट्रार परीक्षा के फर्जी हस्ताक्षर भी हैं. इस मामले को प्रकाश में आए एक सप्ताह से भी अधिक समय हो गया है और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस वजह से विश्वविद्यालय पर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं.

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