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पहाड़ की संस्कृति पर शोध के साथ एक्टिंग की क्लास शुरू करेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय

पहाड़ की संस्कृति पर शोध के साथ एक्टिंग की क्लास शुरू करेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय

कुमाऊं विश्वविद्यालय पहाड़ की संस्कृति, कल्चर गीत संगीत और इतिहास को एक सूत्र में पिरोने जा रहा है.

कुमाऊं विश्वविद्यालय पहाड़ की संस्कृति, कल्चर गीत संगीत और इतिहास को एक सूत्र में पिरोने जा रहा है.

कुमाऊं विश्वविद्यालय पहाड़ की संस्कृति, कल्चर गीत संगीत और इतिहास को एक सूत्र में पिरोने जा रहा है.

उत्तराखण्ड के लिए हमेशा ही कहा जाता है की कोश कोश में बदले पानी चार कोश में बाणी, लेकिन कुमाऊं विश्वविद्यालय पहाड़ की संस्कृति, कल्चर गीत संगीत और इतिहास को एक सूत्र में पिरोने जा रहा है.

अगर सब ठीक रहा तो ना सिर्फ पहाड़ की गौरवशाली लोक संस्कृति पर छात्र शोध कर सकेंगे बल्कि कुमाऊं विश्वविद्यालय एक्टर और डायरेक्टर भी तैयार कर सकेगा.

छपेली पर अब कुमाऊं के छात्र ठूमके लगाते दिखाई देंगे, इसके साथ ही झोडा चांचरी भी कुमाऊं विश्वविध्यालय की शान बनने जा रही है, जी हां नए सत्र से कुमाऊं विश्वविद्यालय यहां की लोक संस्कृति,परम्परा और गीत संगीत पर पाठ्यक्रम शुरू कर पहचान देने जा रहा है.

इसके लिए विश्वविद्यालय स्थानीय कलाकारों के जरिए लोक संगीत की पाठशाला तैयार कर रहा है, जिसमें भगनौल, न्यौली बैर समेंत पहाड की बोली भाषाओं का भी ज्ञान यहां के युवाओं को दिया जायेगा, साथ ही पहाडों की गौरवशाली इतिहास पर छात्रों को शोध भी विश्वविद्यालय कराएगा.

गौरतलब है की युवा पिढी स्थानीय सभ्यता को भूलती जा रही जिसके चलते अब कुमाऊं विश्वविध्यालय लोक संगीत और एक्टिंग पर पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है.

यहां की गीत संगीत और बोली भाषा को विश्व स्तर तक पहचान मिले इसके लिये विश्वविध्याल एक्टर तैयार करेगा इसके लिए जीयाराणी राजूला मालूशाई,

हरुहित,तीलू रौतेली, माधौसिंह भण्डारी पर फिल्में भी तैयार करेगा. कुमाऊं विश्वविध्याल के कुलपति एचएस धामी का कहना है की पहाड के लोग संगीत और परम्परा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए विश्वविध्याल फिल्म और म्यूजिक का कोर्स शुरू करने जा रहा है.

इसके तहत छात्रों को एक्टिंग के साथ छोटी फिल्में तैयार की जाएंगी, जिसमें कुमाऊं की लोक गाथाओं और यहां के इतिहास को फोकस करेगी. इसके साथ ही यहां के झोडा चांचरी छपेली के अलग-अगल रूप को भी विश्वविध्यालय छात्रों के बीच ले जाने का काम करेगा ताकि संस्कृति बचाने के साथ यहां के परंपरा का भी संवर्धन किया जा सके.

Tags: Kumaun University

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