होम /न्यूज /उत्तराखंड /

नैनीताल जिले में इस जगह है छोटा कैलाश, यहां बैठकर भगवान शंकर ने देखा था राम और रावण का युद्ध!

नैनीताल जिले में इस जगह है छोटा कैलाश, यहां बैठकर भगवान शंकर ने देखा था राम और रावण का युद्ध!

Chota Kailash in Bhimtal: भीमताल में भगवान शंकर का भव्य मंदिर है, जिसे छोटा कैलाश कहा जाता है. मान्यता है कि शिव पार्वती विवाह के बाद महादेव ने एक दिन के लिए इस जगह पर विश्राम किया था, तभी से भक्तों की आस्था इस जगह पर बनी हुई है. 

अधिक पढ़ें ...

    रिपोर्ट- हिमांशु जोशी

    नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भीमताल में भगवान शंकर का भव्य मंदिर है, जिसे छोटा कैलाश (Chota Kailash in Bhimtal) भी कहा जाता है. सावन माह में बड़ी संख्या में भोलेनाथ के भक्त यहां पूजा-अर्चना और उनके दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. जबकि महाशिवरात्रि के दौरान भी श्रद्धालुओं की यहां काफी भीड़ देखने को मिलती है. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से यहां आता है और भगवान शिव का ध्यान करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

    नैनीताल के पिनरों गांव की एक पहाड़ी पर स्थित है भोलेनाथ का यह मंदिर. दो रास्तों से यहां पहुंचा जा सकता है. एक तो भवाली होते हुए भीमताल से, जिसके लिए जंगलिया गांव के रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. यहां से यह मंदिर करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर है. दूसरा रास्ता हल्द्वानी से अमृतपुर होते हुए जाता है, जो लगभग 35 किमी की दूरी पर है. यहां पहुंचने के बाद पहाड़ की चोटी तक 3 से 4 किमी खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है. रास्ते में भक्तों के कुछ देर बैठने की भी उचित व्यवस्था की गई है. पिनरों गांव के ऊंचे पर्वत पर विराजमान छोटा कैलाश मंदिर श्रद्धालुओं में सदैव आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है.

    मान्यता है कि शिव पार्वती विवाह के बाद महादेव ने एक दिन के लिए इस जगह पर विश्राम किया था, तभी से भक्तों की आस्था इस जगह पर बनी हुई है. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि महादेव ने इसी स्थान पर बैठकर राम और रावण के बीच युद्ध देखा था. पहाड़ी पर बना यह मंदिर काफी पुराना है. यह कब बना, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है. मंदिर की वजह से ही पूरी पहाड़ी को ‘छोटा कैलाश’ कहा जाता है.

    खुले आसमान के नीचे महादेव का एक भव्य शिवलिंग स्थापित है. यहां एक जलकुंड भी स्थित है, जो फिलहाल सूख गया है. इस स्थान पर पहुंचकर भक्तों को शांति का अनुभव होता है. यहां का शांत वातावरण यहां पहुंचने पर लगी सारी थकान को मिटा देता है. यहां से चारों ओर की पहाड़ी का नजारा भी बेहद सुंदर दिखाई देता है. यहां से हल्द्वानी शहर का खूबसूरत दृश्य भी देखने को मिलता है.

    छोटा कैलाश में महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शंकर की यह आरती होती है;

    ॐ जय शिव ओंकारा,
    स्वामी जय शिव ओंकारा।
    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,
    अर्द्धांगी धारा ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    एकानन चतुरानन
    पंचानन राजे ।
    हंसासन गरूड़ासन
    वृषवाहन साजे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    दो भुज चार चतुर्भुज
    दसभुज अति सोहे ।
    त्रिगुण रूप निरखते
    त्रिभुवन जन मोहे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    अक्षमाला वनमाला,
    मुण्डमाला धारी ।
    चंदन मृगमद सोहै,
    भाले शशिधारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    श्वेताम्बर पीताम्बर
    बाघम्बर अंगे ।
    सनकादिक गरुणादिक
    भूतादिक संगे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    कर के मध्य कमंडल
    चक्र त्रिशूलधारी ।
    सुखकारी दुखहारी
    जगपालन कारी ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव
    जानत अविवेका ।
    प्रणवाक्षर में शोभित
    ये तीनों एका ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    त्रिगुणस्वामी जी की आरति
    जो कोइ नर गावे ।
    कहत शिवानंद स्वामी
    सुख संपति पावे ॥
    ॐ जय शिव ओंकारा…॥

    Chota Kailash in Bhimtal

    Tags: Nainital news, Nainital tourist places

    अगली ख़बर