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Mahatma Gandhi Jayanti 2022: नैनीताल क्यों आए थे राष्ट्रपिता, ताकुला में बना है 'गांधी मंदिर'

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    हिमांशु जोशी/नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल से भी महात्मा गांधी का खासा जुड़ाव रहा था. नैनीताल से करीब 7 किलोमीटर दूर ताकुला में गांधी आश्रम स्थित है, जिसे ‘गांधी मंदिर’ (Gandhi Temple in Nainital) के नाम से भी जाना जाता है. इस आश्रम की आधारशिला खुद भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने रखी थी. अपनी अहिंसक विचारधारा का प्रचार करने के लिए वह दो बार नैनीताल आए थे.

    इतिहासकार डॉ अजय रावत ने ‘न्यूज 18 लोकल’ से बात करते हुए बताया कि गांधी जी नैनीताल दो बार आए थे. पहली बार साल 13 जून, 1929 को जब गांधी जी नैनीताल आए थे, तब उनके साथ कस्तूरबा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सुचिता कृपलानी और देवदास गांधी भी थे. महात्मा गांधी के ताकुला आने का मकसद था उनकी विचारधारा का कुमाऊं में प्रचार-प्रसार करना और विशेष रूप से स्वतंत्रता संग्राम के लिए यहां की जनता को प्रेरित करना. 13 जून से लेकर 4 जुलाई तक वह कुमाऊं क्षेत्र में ही रहे. इस दौरान यहां उन्होंने ताकुला स्थित गांधी मंदिर की आधारशिला भी रखी थी.

    यहां किया गया था भव्य स्वागत
    नैनीताल से वह भवाली, ताड़ीखेत, अल्मोड़ा, कौसानी और बागेश्वर गए और हर जगह उनका भव्य स्वागत किया गया. 4 जुलाई को रामनगर होते हुए वह वापस चले गए थे. गौर करने वाली बात यह है कि इस बीच उन्होंने 270 मील यानी 434.5 किमी की यात्रा की थी. 26 स्थानों पर उन्होंने भाषण दिए और 31 स्थानों पर उनका नागरिकों द्वारा अभिनंदन किया गया.

    18 मई, 1931 को गांधी जी दूसरी बार नैनीताल आए थे. इस बार वह गांधी मंदिर में ही रहे थे और यहां रहकर समाज सेवा से जुड़े काम भी किए. यह गांधी मंदिर स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रतीक भी है. नैनीताल आने वाले सैलानी इस आश्रम को देखने भी जाते हैं. यहां का शांत वातावरण पर्यटकों को काफी पसंद आता है. गांधी मंदिर तक सड़क बनी हुई है. यहां आप अपने वाहन से आसानी से पहुंच सकते हैं.

    Tags: Nainital news, Uttarakhand news

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