मानसरोवर यात्रा : पहाड़ की संस्कृति व खानपान से परिचित होंगे यात्री

मानसरोवर यात्रियों को दिल्ली से काठगोदाम और फिर काठगोदाम से धारचूला तक बड़े वाहनों से ले जाया जाएगा. फिर यहां धारचूला से नजंग तक यात्रियों को छोटे वाहनों से और फिर नजंग से पैदल यात्रा शुरू होगी.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: May 25, 2019, 1:39 PM IST
मानसरोवर यात्रा : पहाड़ की संस्कृति व खानपान से परिचित होंगे यात्री
कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत 8 जून 2019 से
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: May 25, 2019, 1:39 PM IST
हिंदू धर्म की पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा अगले महीने से शुरू होने जा रही है. विदेश मंत्रालय ने यात्रा का कार्यक्रम तय कर जारी कर दिया है. खास बात ये है कि इस बार बाबा भोले के भक्तों को न सिर्फ यात्रा का पुण्य मिलेगा बल्कि पहाड़ की संस्कृति और खानपान को भी जानने का मौका मिलेगा. 8 जून से 8 सितंबर तक चलने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 12 जून को पहला दल कुमाऊं में प्रवेश करने के साथ 25 दिनों तक भगवान शिव की तपोभूमि में दुर्गम और कठिन रास्तों का सफर तय करेगा. 18 दलों में होने वाली इस यात्रा के प्रत्येक दल में 60 यात्री होंगे. कुल 1080 भक्तों को बाबा के दर्शन का पुण्य मिलेगा. यात्रियों का मेडिकल होने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल सकेगी.

कैलाश मानसरोवर यात्रा के संचालन के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए पहाड़ के साथ दक्षिण भारतीय खानों के व्यंजन को भी शामिल किया है. बाबा भोले के दर्शन को आने वाले भक्तों का स्वागत उन्हें बुरांश फूल का जूस देकर किया जाएगा. इस दौरान यात्रियों को भट्ट की चुडकानी, पहाड़ी रायता, मडुवे की रोटी, झौगेरे की खीर के साथ ही अन्य पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा. इतना ही नहीं पहाड़ की लोक संस्कृति 'झोड़ा चांचरी छपेली' से यात्रियों को रुबरुकराया जाएगा. यात्रियों की थकान मिटाने के लिए इसका आयोजन अल्मोड़ा में किया जाएगा.



मानसरोवर यात्रा के बारे में जीएम केएमवीएन अशोक जोशी ने कहा कि अभी तक 2 हजार 1 सौ 5 यात्री रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. मानसरोवर यात्रा पर जाने के लिए चुने गए यात्रियों को सूचित किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि यात्रियों को उत्तराखंड की संस्कृति से भी परिचित कराया जाएगा. यात्रियों को दिल्ली से काठगोदाम और फिर काठगोदाम से धारचूला तक बड़े वाहनों से ले जाया जाएगा. फिर यहां धारचूला से नजंग तक यात्रियों को छोटे वाहनों से ले जाया जाएगा. नजंग से यात्रियों की पैदल यात्रा शुरू होगी.

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण यात्रा है. इसकी लालसा हर व्यक्ति को होती है कि वह अपने जीवन काल में कम से कम एक बार तो कर ही ले.

ये भी पढ़ें - कैलाश मानसरोवर यात्रा 8 जून से 8 सितंबर तक चलेगी, 18 दल होंगे शामिल

ये भी पढ़ें - कौन बनेगा केंद्र में मंत्री? अजय भट्ट ने ‘सब प्रभु पर छोड़ा’

Facebook पर उत्‍तराखंड के अपडेट पाने के लिए कृपया हमारा पेज Uttarakhand लाइक करें.
Loading...

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...