कोरोना के बीच नैनीताल में आफत बनी मानसून, इन इलाकों में Landslide का बढ़ा खतरा
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कोरोना के बीच नैनीताल में आफत बनी मानसून, इन इलाकों में Landslide का बढ़ा खतरा
दरकते पहाड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. (Demo pIc)

चयनापीक में 90 के दशक के बाद अब फिर से पहाड़ी से भूकटाव फिर शुरू हो गया है. पहाड़ों में पड़ रही बड़ी- बड़ी दरारें यहां के रहनुमाओं के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं.

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नैनीताल. उत्तराखंड (Uttarakhand) के नैनीताल (Nainital) में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के बीच चारों तरफ से एक और खतरा बना है. शहर के सबसे ऊंची चोटी चाइना पीक (Naina Peak) हो या फिर बलियानाला, इन इलाकों में हो रहे भूस्खलन (Landslide) ने लोगों को चिंता में डाले दिया है. चयनापीक में 90 के दशक के बाद अब फिर से पहाड़ी से भूकटाव शुरू हो गया है. पहाड़ों में पड़ रही बड़ी- बड़ी दरारें यहां के रहनुमाओं के लिए मुसीबत का सबब बना हुए हैं. इसके साथ ही नैनीताल पंगुट मार्ग पर भी गड्ढे होने से अब चिंता दोगुनी होने लगी है.

कहां से कितना है खतरा

पिछले कुछ समय से नैनीताल में भूस्खलन हो रहा है. इसमें बलियानाला से तेजी से भूकटाव हो रहा है जिसके चलते 80 परिवारों को वहां से विस्थापित किया गया है. इसके साथ ही राजभवन मार्ग, भवाली मार्ग,कालाढूंगी मार्ग,पंगुट मार्ग में ना सिर्फ दरारें आ रही हैं बल्कि धंसाव भी हो रहा है. इसके साथ ही चायनापीक में बड़ी दरारों से सैनिक स्कूल, शेरवानी समेत अन्य इलाकों को खतरा बना हुआ है. वहीं, टिफिनटॉप की पहाड़ी से भी पत्थर और मलबा गिरने का भय आयरपटा क्षेत्र में बना हुआ है. कुमाऊं विवि के भूगर्भ वैज्ञानिक बहादुर सिंह कोटलिया कहते हैं कि नैनीताल की पहाड़ियां काफी संवेदनसील है. नैनीताल के बीच लेक थ्रस्ट गुजरता है जिसमें हलचल का ही प्रभाव है. हालांकि, कोटलिया ये कहते हैं कि अगर इसको बचना है तो वाहनों के दबाव को कम करना होगा.



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हाई कोर्ट ने दिए निर्देश पर हरकत में आया सिस्टम

बलियानाला से हो रहे कटाव पर हाई कोर्ट ने सरकार और जिला प्रसाशन निर्देश जारी किए थे. इसके बाद सरकार ने इस इलाके में एक विदेशी कंपनी, आईआईटी रुड़की और जीएसआई की टीम के साथ पूरे क्षेत्र का सर्वे किया था. जिला प्रशासन ने इसके बाद सरकार को तीन सुझाव ट्रीटमेंट के लिए भेजे थे. मगर आज तक काम शुरू नहीं किया जा सका है. हालांकि, कुमाऊं कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी का कहना है कि जो तात्कालिक तौर पर कार्य किए जाने है उसको लेकर डीएम नैनीताल को आदेश दिए हैं जिसमें सड़कों के रखरखाव, लोगों को खतरे वाले स्थान से हटाने के साथ अन्य कार्य हैं. साथ ही जो टाइम ट्रीटमेंट कार्य होना है उसको लेकर शासन की धनराशि और दिशा निर्देशों  का इंतजार किया जा रहा है.
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