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नैनीताल बार एसोसिएशन ने कहा हाईकोर्ट को शिफ़्ट नहीं होने देंगे... करना ही है तो गैरसैंण में राजधानी के साथ करो

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: November 6, 2019, 5:28 PM IST
नैनीताल बार एसोसिएशन ने कहा हाईकोर्ट को शिफ़्ट नहीं होने देंगे... करना ही है तो गैरसैंण में राजधानी के साथ करो
उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस में एक स्वर में कहा कि नैनीताल से हाईकोर्ट को शिफ़्ट न किया जाए और अगर ऐसा होता है को एक बड़ा आन्दोलन किया जाएगा.

बार एसोसिएशन अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट (Bar Association President Pooran Singh Bisht) ने कहा कि हाईकोर्ट (High Court) को शिफ़्ट ही करना है तो गैरसैंण (Gaisain) में हाईकोर्ट और राज्य की राजधानी दोनों बनाए जाएं.

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नैनीताल. उत्तराखण्ड हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ़्ट करने की चर्चा पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है. आज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस में एक स्वर में कहा कि नैनीताल से हाईकोर्ट को शिफ़्ट न किया जाए और अगर ऐसा होता है को एक बड़ा आन्दोलन किया जाएगा. बार एसोसिएशन ने कहा कि हाईकोर्ट को शिफ़्ट किए जाने की बात उत्तराखंड की मूल भावना से धोखा है और इसे किसी भी सूरत में मैदानी क्षेत्रों में नहीं जाने दिया जाएगा.

शिफ़्टिंग पर रायशुमारी 

बता दें कि हाईकोर्ट के वकील एमसी काण्डपाल ने कुछ समय पहले हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ़्ट करने का सुझाव दिया था. कांडपाल ने हाईकोर्ट के लिए जगह कम पड़ने और नैनीताल शहर में जाम लगने का हवाला दिया था. उनका कहना था कि हाईकोर्ट की बिल्डिंग में हाईकोर्ट की जगह पर नेशनल लॉ विश्वविद्यालय बनाया जाना चाहिए.

इस पत्र का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने इस पत्र को हाईकोर्ट की वेबसाइट में डालकर लोगों से इस पर सुझाव मांगे थे. इसी साल जुलाई के अंत में इस बारे में मिली लोगों की राय को भी हाईकोर्ट की वेबसाइट में डाल दिया गया था.

550 ने भी नहीं दी राय 

ख़ास बात यह थी कि 551 पेजों के इन पत्रों में 70% की राय हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ़्ट करने के पक्ष में थी. ज़्यादातर लोगों ने हल्द्वानी के रानीबाग में स्थित एचएमटी फैक्ट्री और रामनगर काशीपुर में भी हाईकोर्ट को शिफ़्ट करने की राय दी थी.

हालांकि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने तब आपत्ति जताई थी कि इसे उत्तराखंड के लोगों की राय नहीं माना जा सकता क्योंकि 1.10 करोड़ की आबादी में से 550 लोगों ने भी राय नहीं दी है.
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सारे संस्थान शिफ़्ट किए देहरादून 

आज बार एसोसिएशन के जनरल हाउस में वकीलों ने कहा कि राज्य बनने के दौरान देहरादून में राजधानी बनाई गई थी और कुमाऊं में हाईकोर्ट दिया गया था लेकिन आज चंद लोगों के दबाव में हाईकोर्ट को विस्थापन करने की योजना तैयार की जा रही है.

एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट ने कहा कि सभी बड़े संस्थानों को सरकार ने देहरादून में शिफ़्ट कर दिया है. अगर नैनीताल में जमीन कम होने का हवाला देकर हाईकोर्ट को शिफ़्ट करने की योजना है तो गैरसैंण में हाईकोर्ट और राज्य की राजधानी दोनों एक ही स्थान पर बनाए जाएं.

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First published: November 6, 2019, 5:16 PM IST
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