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Nainital Crime : मां का सिर काटने के केस में कोर्ट का फैसला, दोषी बेटे को फांसी भी उम्रकैद भी

बरबई गांव के निवासी 43 वर्षीय किसान लाखन विश्वकर्मा का शव उसी के खेत की मेड़ पर स्थित पेड़ पर लटका मिला.

बरबई गांव के निवासी 43 वर्षीय किसान लाखन विश्वकर्मा का शव उसी के खेत की मेड़ पर स्थित पेड़ पर लटका मिला.

Cold Blooded Murder : कोर्ट में सरकारी वकील (Prosecution) ने पुरज़ोर ढंग से फांसी की मांग करते हुए कहा कि आरोपी ने अपनी ...अधिक पढ़ें

नैनीताल. अपनी ही मां की हत्या करने के मामले में ज़िला अदालत ने कलयुगी बेटे को फांसी की सज़ा सुनाई. कोर्ट ने धारा 302 के मामले में फांसी की सजा सुनाते हुए 10 हज़ार का जुर्माना भी दोषी डिगर सिंह पर लगाया. सिंह पर धारा 307 का भी एक केस दर्ज हुआ था, जिसमें दोषी पाए जाने पर अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और 5000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई. ज़िला अदालत के प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत के आदेश के मुताबिक सिंह की दोनों सज़ाएं एक साथ चलेंगी. बुधवार को कोर्ट के इस आदेश के बाद सिंह को जेल भेज दिया गया.

दरांती से काट दिया था मां का सिर
सरकारी वकील सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि सात अक्टूबर 2019 को चोरगलिया स्थित उदयपुर रेक्वाल क्वीरा फार्म की इस घटना में बेटे ने मां का सिर धड़ से अलग कर दिया था. घटना के दौरान कुछ लोग बीच बचाव के लिए आए तो डिगर सिंह ने उन पर भी जनलेवा हमला किया था. उसी दिन मृतका के पति उदयपुर रेक्वाल निवासी सोबन सिंह ने चोरगलिया थाने में बेटे डिगर सिंह कोरंगा के खिलाफ धारा 302 व 307 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. सोबन सिंह के मुताबिक उनकी पत्नी जोमती देवी के साथ बेटे का घर पर अचानक विवाद हुआ था और अचानक डिगर ने दरांती से अपनी माता की गर्दन पर वार कर हत्या कर दी थी.

कितना घिनौना था बेटे का अपराध?
गवाहों ने अपने बयानों में कहा कि डिगर सिंह अपने घर के आंगन में अपनी मां की गर्दन पर दरांती से वार कर रहा था. एक हाथ से सिर के बाल पकड़े हुए थे और मां चिल्ला रही थी. चीखें सुनकर देवकी देवी व मृतका की बहू नैना कोरंगा मौके पर आए थे, तब भी डिगर वार करने से रुका नहीं. मृतका की बहू ने भी डिगर के खिलाफ इस तरह की गवाही दी. अदालत में अपराध साबित करने के लिए एक दर्जन गवाह पेश किए गए.

लैब रिपोर्ट भी बनी अहम सबूत
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भी आला ए कत्ल से वार किए जाने की पुष्टि हुई. सरकारी वकील सुशील शर्मा ने यह भी बताया कि इस मामले में पांच मार्च 2020 को अभियुक्त पर धारा 307 जोड़ी गई थी. जबकि 25 फरवरी 2021 से ट्रायल शुरू हुआ था. अदालत ने नौ महीने में केस पर फैसला सुना दिया.

Tags: Murder case, Nainital news, Uttarakhand news

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