नैनीताल: हाईकोर्ट ने SSP, SHO देहरादून और MDDA पर लगाया 1-1 लाख का जुर्माना, जानें वजह

ये जुर्माने की रकम SSP और SHO को अपनी तनख्वा से जमा करना होगा.

ये जुर्माने की रकम SSP और SHO को अपनी तनख्वा से जमा करना होगा.

एकलपीठ के इस फैसले को याचिकाकर्ता सविता गुप्ता (Savit Gupta) ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने पूर्व में सभी से जवाब मांगा और एसएसपी को आज पेशी पर बुलाया.

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नैनीताल. एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट (High Court) की चीफ जस्टिस बेंच ने एसएसपी देहरादून व एसएचओ कोतवाली देहरादून पर 1-1 लाख का जुर्माना (Penalty) लगाया है. महिला की शिकायत पर कार्रवाई न करने पर कोर्ट में एमडीडीए पर भी 1 लाख का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने जुर्माने की कुल 3 लाख की रकम याचिकाकर्ता सवित गुप्ता को 2 हफ्ते में देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर एसएसपी और एसएचओ (SSP And SHO) जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करते है तो डीएम देहरादून भूराजस्व अधिनियम के तहत वसूली करेंगे. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पैसा न देने पर याचिकाकर्ता सविता गुप्ता को कहा है कि वो अवमानना याचिका कोर्ट में दाखिल कर सकती हैं. ये जुर्माने की रकम SSP और SHO को अपनी तनख्वा से जमा करना होगा.

दरअसल, देहरादून की सविता गुप्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उसने पलटन बाजार में दुकान का सौदा कर किसी को बेचा. लेकिन उसमें छत को नहीं बेचा गया था. लेकिन विपक्षियों द्वारा छत पर निर्माण किया जा रहा है. इसकी शिकायत एमडीडीए और पुलिस को की गई, लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसे में याचिकाकर्ता ने एकलपीठ में याचिका दाखिल की और कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की. हालांकि, एकलपीठ ने याचिका को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि इस मामले को सिविल न्यायालय में याचिका दाखिल करें.

 याचिकाकर्ता सविता गुप्ता ने हाईकोर्ट ने चुनौती दी थी

एकलपीठ के इस फैसले को याचिकाकर्ता सविता गुप्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने पूर्व में सभी से जवाब मांगा और एसएसपी को आज पेशी पर बुलाया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कार्रवाई के बारे में जानकारी ली कि क्यों 2019 से अब तक कार्रवाई नहीं कि गई. तो एमडीडीए ने कहा कि 28 दिसंबर 2020 को निर्माण करने वाले को नोटिस दिया था और जब निर्माण नहीं रुका तो 15 जनवरी 2021 को 18 को सीलिंग का नोटिस दिया गया था. जो पुलिस बल नहीं मिलने से नहीं हो सका. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी भी की है कि क्या पुलिस और प्रशासन कोई बड़ी घटना का इंतजार कर रहा था. जिसके बाद हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस आरएस चौहान की कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए SSP, SHO और MDDA पर 1-1 लाख का जुर्माना लगाया.
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