अपना शहर चुनें

States

नैनीताल: बाबा ने 12 साल के बच्चे को किडनैप कर बंधक बनाया, ग्रामीणों ने बच्चे को छुड़ाकर बाबा को पुलिस के हवाले किया

उत्तराखंड के नैनीताल में दो बाबाओं ने एक 12 साल के बच्चे को किडनैप कर बंधक बना लिया.
उत्तराखंड के नैनीताल में दो बाबाओं ने एक 12 साल के बच्चे को किडनैप कर बंधक बना लिया.

उत्तराखंड के नैनीताल के एक गांव में 2 बाबाओं ने 12 साल के बच्चे का अपहरण कर बंधक बना लिया, लेकिन ग्रामीणों ने बाबा के कैद से बच्चे को सकुशल छुड़ा लिया. इसके बाद दोनों बाबा को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 3:15 PM IST
  • Share this:
नैनीताल. नैनीताल के बेतालघाट ब्लाक के रतौड़ा गांव में 2 बाबाओं द्वारा एक 12 साल के बच्चे का अपहरण कर बंधक बनाने का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ से बच्चे को कैद किए गए कमरे ने सकुशल बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपी बाबा हिरासत में लिया हैं.

मामला दाड़िमा गांव के रतौड़ा का है, बताया जा रहा है कि गांव में रात को लगी जातरा (देवताओं की पूजा) के बाद बच्चा गायब हो गया. रात भर खोजने के बाद भी बच्चा नहीं मिला परिजनों ने आसपास के गांवों में संपर्क किया, लेकिन बच्चे का कहीं पता नहीं लगा. थक हार का घर वालों की चिंता बढ़ने लगी तो सुबह बेतालघाट के ही हलसों गांव के मंदिर से रोने और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. आसपास के ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो कमरे के अंदर बच्चे को कैद देख कर लोगों के होश उड़ गए.

बच्चे ने बताया कि बाबाओं ने उसको यहां लाकर कमरे में रखा. वहीं हलसों में रहने वाले बाबा पूरन गिरी से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने इस मामले में शामिल होने की बात कबूल ली. दाड़िम गांव के बाबा संध्या गिरी के भी इस मामले में शामिल होने की बात कबूली. हालांकि ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए राजस्व पुलिस ने दोनों आरोपी बाबाओं को गिरफ्तार कर लिया है और एसडीएम प्रतीक जैन ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं.



बाबा बच्चे को हरियाणा ले जाने के फिराक में थे
कुछ महीने पहले ही बाबा संध्यागिरी रतौड़ा के मंदिर में रहता आ रहा था और पूरन गिरी बाबा भी हलसों गांव के मंदिर में कुछ समय से रह रहा था. बच्चे के अपहरण के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बाबाओं ने सभी राज उगल दिए. इस षड़यंत्र में शामिल होने की बात कबूली और बताया कि वो बच्चे को हरियाणा ले जाना चाहते थे.

बाबाओं द्वारा घटना को अंजाम देने के बाद स्थानीय दलीप बोरा ने पट्टी पटवारी से मांग की है कि सभी बाबाओं का सत्यापन किया जाए और उनका रिकार्ड चेक होना चाहिए. अगर किसी का क्रिमिनल रिकार्ड है तो उसको मंदिरों में शरण नहीं दी जाए. वहीं स्थानीय पटवारी ने जल्द सत्यापन करने की बात कही है.

पहाड़ों के मंदिरों में बिना किसी जांच के रहते हैं बाबा
बेतालघाट के रतौड़ा में बाबाओं के भेद खुलने के बाद पहाड़ में सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खेड़े हो रहे हैं, पहाड़ों के मंदिरों में कई स्थानों पर बाबा बेरोकटोक रहते रहे हैं, जिनका रिकार्ड ना तो प्रशासन के पास है और ना ही ग्रामीणों को उस बाबा के बारे में कोई जानकारी है. पिछले कुछ साल पहले एक बाबा कैंची के पास हत्या कर दी गयी थी. बाबा का असली पता पुलिस खोजबीन में लग सका और पता चला कि वो अपने घर से मारपीट के मामले में शामिल था. ऐसे ही कई मामले गाहे बगाहे पहाड़ों में सामने आते रहे हैं. कई बार तो बाबाओं द्वारा चरस की तस्करी की भी बात सामने आती रही हैं, लेकिन कोई कार्रवाई ना होने पर बाबा पहाड़ों में बेरोकटोक हर रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज