NH74 घोटालाः आरोपियों को पेश किए बिना चार्जशीट दाखिल करने पर एंटी करप्शन कोर्ट सख्त... नोटिस जारी

. एंटी करप्शन कोर्ट ने एसआईटी द्वारा 82 आरोपियों की बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट दाखिल करने पर नोटिस जारी किए हैं और इन सभी आरोपियों को 21 नवम्बर को कोर्ट में तलब किया है.
. एंटी करप्शन कोर्ट ने एसआईटी द्वारा 82 आरोपियों की बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट दाखिल करने पर नोटिस जारी किए हैं और इन सभी आरोपियों को 21 नवम्बर को कोर्ट में तलब किया है.

कुमाऊं कमिश्नर की जांच में एनएच 74 सड़क चौडीकरण के दौरान 500 करोड़ से ज़्यादा के घोटाले का पता चला था.

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नैनीताल. उत्तराखंड के सबसे बड़े घोटालों में से एक एनएच 74 भूमि मुआवज़ा घोटाले पर एंटी करप्शन कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. एंटी करप्शन कोर्ट ने एसआईटी द्वारा 82 आरोपियों की बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट दाखिल करने पर नोटिस जारी किए हैं और इन सभी आरोपियों को 21 नवम्बर को कोर्ट में तलब किया है. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इन आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है. इसके साथ ही मुख्य आरोपी डीपी सिंह, तीर्थपाल, अनिल कुमार समेत 26 आरोपियों के मामले में अभियोजन साक्ष्य के लिए 14 दिसंबर को सुनवाई करेगा.

क्या है मामला

कुमाऊं में एनएच 74 के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में यह घोटाला हुआ था. अधिकारियों और  किसानों ने मिलीभगत कर से बैक डेट से 143 की कार्रवाई कर लाखों के मुआवजे को कई गुना बढ़ाकर करोड़ों का कर दिया था.  कुमाऊं कमिश्नर की रिपोर्ट में एनएच 74 सड़क चौडीकरण के दौरान 500 करोड़ से ज़्यादा के घोटाले का पता चला था.



घोटाले की परतें खुलने के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था. जांच के बाद एसआईटी ने इस मामले में डीपी सिंह को मुख्य आरोपी बनाते हुए कई राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों, तहसीलदार, बिचौलियों, किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया. 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी गई.

बाद में हाईकोर्ट से कई आरोपियों को जमानत मिल गई. अब आरोप तय करने के लिए भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट सुनवाई कर रही है. ज़िला शासकीय अधिवक्ता एंटी करप्शन सुशील शर्मा ने कहा कि जिन आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी हुए हैं अगर वे कोर्ट में नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ वारंट जारी होंगे और उनकी गिरफ्तारी हो सकती है.
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