लाइव टीवी

देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्र पर अब सरकार को नोटिस, तीन हफ़्ते में जवाब देने को कहा

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: December 9, 2019, 3:40 PM IST
देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्र पर अब सरकार को नोटिस, तीन हफ़्ते में जवाब देने को कहा
देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्रों को चुनौती देने के मामले पिछले 12 साल से भी पहले से चल रहे हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)

देशराज कर्णवाल (deshraj karnawal) ने जाति प्रमाण पत्रों के मामलों को शुक्रवार सदन मेंं विशेषाधिकार हनन के रूप में उठाया था.

  • Share this:
नैनीताल. झबरेड़ा (jhabreda) के बीजेपी विधायक देशराज कर्णवाल (bjp mla deshraj karnawal) के जाति प्रमाण पत्र का मामला (caste certificate issue) सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा है. अब हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस की कोर्ट ने सरकार को भी नोटिस (notice to uttarakhand government) जारी कर तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. दरअसल देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्र गलत होने का दावा करते हुए कास्ट स्क्रूटनी कमेटी (caste scrutiny committee) के आदेश को हाईकोर्ट (nainital high court) में चुनौती दी गई है. बता दें कि मौजूदा विधानसभा सत्र में कर्णवाल ने इस मामले में साज़िश का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन का भी प्रस्ताव दिया है.

कास्ट स्क्रूटनी कमेटी के फ़ैसले को चुनौती 

देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्रों को चुनौती देने के मामले पिछले 12 साल से भी पहले से चल रहे हैं. हाल ही में हाईकोर्ट ने कास्ट स्क्रूटनी कमेटी को इस मामले की जांच का आदेश दिया था. कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने उनके जाति प्रमाण पत्र को सही पाया था लेकिन अब ईश्वर पाल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कास्ट स्क्रूटनी कमेटी के आदेश को चुनौती दे दी है.

विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव 

देशराज कर्णवाल अपने जाति प्रमाण पत्रों के मामलों से इतने परेशान हो गए हैं कि उन्होंने शुक्रवार को सदन में इस मामले को विशेषाधिकार हनन के रूप में उठाया. उन्होंने अपने खिलाफ साज़िश का आरोप लगाते हुए उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की.

विधानसभा में कर्णवाल ने कहा कि उनके खिलाफ बहुत पहले से साजिश चल रही है और उनकी जाति और जाति प्रमाण-पत्र को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.  कर्णवाल ने कहा कि इस संबंध में उन्हें राज्य निवार्चन कार्यालय से लेकर ज़िला न्यायालय तक से बरी किया जा चुका है लेकिन फिर भी उनके ख़िलाफ़ तहसीलदार स्तर पर जांच की गई. झबरेड़ा विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल से दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग की.

ये भी देखें: कर्णवाल की FIR पर 12 साल क्यों नहीं हुई जांच? IG एक महीने में दें प्रगति रिपोर्टः हाईकोर्ट

कल तक खून के प्यासे चैंपियन और कर्णवाल बने बड़े-छोटे भाई, ड्रामेटिक अंदाज़ में सुलह का ऐलान

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नैनीताल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 9, 2019, 3:28 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर