नौ साल बाद भी नहीं बन पाया ‘स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट’, बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले

देश के मुकाबले उत्तराखंड में कैंसर के रोगियों की संख्या ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. देश में सालाना 9.2 फीसदी के मुकाबले उत्तराखंड में कैंसर 10.15 फीसदी की दर से कैंसर के मामले बढ़ रहे है.

Shailendra Singh Negi | News18 Uttarakhand
Updated: December 28, 2018, 1:11 PM IST
नौ साल बाद भी नहीं बन पाया ‘स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट’, बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले
राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्दवानी
Shailendra Singh Negi
Shailendra Singh Negi | News18 Uttarakhand
Updated: December 28, 2018, 1:11 PM IST
कैंसर के मामले में उत्तराखंड के लिए बुरी खबर है. क्योंकि यहां कैंसर के मरीज देश के अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके बावजूद हल्द्वानी में बनने वाले स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए सरकारी महकमा कोई तेजी नहीं दिखा रहा. साफ आबो-हवा वाले राज्य उत्तराखंड के लिए कैंसर के चुनौती बन चुका है. हाईकोर्ट की चेतावनी के बावजूद कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए पदों की स्वीकृति कैबिनेट में छह महीनों से लटकी हुई है.

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में राज्य स्तरीय कैंसर संस्थान बनाने की मंजूरी मिले नौ साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. केंद्र सरकार ने भी 120 करोड़ रुपये देने की बात कही है फिर भी राज्य में कैंसर संस्थान नहीं बन पा रहा है.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस यानी आईसीएमआर की रिपोर्ट ये चेतावनी दे चुकी है कि देश के मुकाबले उत्तराखंड में कैंसर के रोगियों की संख्या ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. देश में सालाना 9.2 फीसदी के मुकाबले उत्तराखंड में कैंसर 10.15 फीसदी की दर से कैंसर के मामले बढ़ रहे है. प्रदेश में जहां साल 2014 में कैंसर रोगियों की संख्या 11 हजार थी वहीं साल 2018 में ये आंकड़ा 14 हजार को पार कर गई.

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