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Nainital News: साधारण केले से काफी अलग है पहाड़ का केला, लाजवाब होती है इसकी सब्जी

अन्य केलों को केमिकल का इस्तेमाल करके पकाया जाता है लेकिन पहाड़ी केले को पेड़ में प्राकृतिक तरीके से ही पकाया जाता है. डॉ ...अधिक पढ़ें

    हिमांशु जोशी/नैनीताल. पहाड़ी इलाकोंमें कई तरह के फल होते हैं, जो और जगहों से काफी अलग होते हैं. इन्हीं में एक है पहाड़ी केला. केला लगभग ज्यादातर राज्यों में होता है. इसकी बनावट, स्वाद व अन्य गुण भिन्न-भिन्न होते हैं.हालांकि उत्तराखंड में कई जगहों पर मिलने वाला पहाड़ी केला साधारण केले से थोड़ा अलग होता है.

    कुमाऊं विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ ललित तिवारी बताते हैं कि पहाड़ में मिलने वाले केला साउथ में होने वाले केलों से दिखने में अलग होता है. इसका आकार थोड़ा छोटा और मोटा होता है. यह केला पहाड़ की गरम जगहों पर ज्यादा देखने को मिलता है. इसका वानस्पतिक नाम मूसा बल्बीसिआना है. राज्य के बागेश्वर जिले का पहाड़ी केला काफी प्रसिद्ध है हालांकि नैनीताल के कुछ गरम इलाकों में भी यह देखने को मिल जाएगा.

    प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि पहाड़ में कच्चे पहाड़ी केले की सब्जी भी काफी पसंद की जाती है. बाजार में भी सब्जी बनाने लायक केला आसानी से मिल जाता है. अक्सर साउथ से आने वाले केलों को केमिकल का इस्तेमाल करके पकाया जाता है लेकिन पहाड़ी केले को पेड़ में प्राकृतिक तरीके से ही पकाया जाता है. पहाड़ी केला खाने में ज्यादा मीठा होता है. इसमें पोटेशियम, कैल्शियम और आयरन की मात्रा ज्यादा है. यह केला गेहूं से भी ज्यादा पौष्टिक होता है. इस केले में छोटे काले बीज दिखाई देते हैं, जिन्हें वैज्ञानिक भाषा में रूडीमेंट्री सीड्स कहा जाता है.

    Tags: Nainital news, Uttarakhand news

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