उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए जनहित याचिका, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी सफ़ाई

जनहित याचिका में पंचायतों में चुनाव न कराए जाने को राज्य में संवैधानिक संकट बताया गया है.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: July 23, 2019, 3:18 PM IST
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए जनहित याचिका, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी सफ़ाई
हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में पंचायतों में चुनाव न कराए जाने को राज्य में संवैधानिक संकट बताया गया है.
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: July 23, 2019, 3:18 PM IST
नैनीताल हाईकोर्ट में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए याचिका दाखिल की गई है. हाईकोर्ट ने इसे स्वाकार भी कर लिया है और राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा है. बता दें कि जनहित याचिका में पंचायतों में चुनाव न कराए जाने को राज्य में संवैधानिक संकट बताया गया है. कहा गया है कि सरकार अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन नहीं कर सकी है. इस आधार पर याचिका में मांग की गई है कि धारा 356 के तहत सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.

चुनाव नहीं करवाए, प्रशासक तैनात कर दिए

बता दें कि पंचायतों का कार्यकाल 15 जुलाई को खत्म हो गया था और उसके बाद से पंचायतों का काम प्रशासक संभाल रहे हैं. संविधान व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्यकाल पूरा होने तक चुनाव कराने अनिवार्य हैं, मगर सरकार ने चुनाव कराने के बजाए राज्य में 6 जुलाई को प्रशासकों की नियुक्ति कर दी थी.

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पंचायत चुनाव करवाने में राज्य सरकार की नाकामी पर नईम अहमद ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में मांग की गई कि चुनाव कराने में नाकामी के चलते राज्य सरकार संवैधानिक कर्तव्य का पालन नहीं कर सकी है.

याचिका में मांग की गई है कि संविधान के अनुछेद 356 के तहत सरकार को हटाकर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए. याचिका में सरकार व राज्य निर्वाचन आयोग को पक्षकार बनाया गया है.

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First published: July 23, 2019, 12:55 PM IST
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