लॉकडाउन में फ़ीस वसूली पर सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली प्राइवेट स्कूलों को राहत... सभी पक्षकारों से मांगा जवाब
Nainital News in Hindi

लॉकडाउन में फ़ीस वसूली पर सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली प्राइवेट स्कूलों को राहत... सभी पक्षकारों से मांगा जवाब
BS-IV वाहन बेचने वाले ऑटोमोबाइल डीलर्स को SC ने लगाई फटकार, कही ये बड़ी बात

उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी कर ईमेल, वाट्सऐप, फोन से फीस मांगने पर रोक लगा दी थी.

  • Share this:
नैनीताल. उत्तराखंड में ऑनलाइन क्लास के नाम पर चल रही लूट पर सुप्रीम कोर्ट से भी प्राइवेट स्कूलों को कोई राहत नहीं मिली. आज सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र राज्य सरकारों समेत सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में 6 जुलाई को जून को सुनवाई करेगी. बता दें कि उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने 12 मई को कुंवर जपिंदर सिंह व आकाश यादव की याचिका पर आदेश जारी कर ईमेल, वाट्सऐप, फोन से फीस मांगने पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ प्राइवेट स्कूलों का एक संगठन सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था.

हाईकोर्ट का फ़ैसला 

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फ़ीस के नाम पर लूट की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया था और शिकायतों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे.



हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि ट्यूशन फीस भी उन्ही छात्रों से ली जा सकती है जिनको ऑनलाइन क्लास दी जा रही हैं. हाईकोर्ट के इस आदेश को प्रिंसिपल प्रोगेसिव स्कूल्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.



उधर आज उत्तराखण्ड हाईकोर्ट में सरकार ने इसी मामले पर अपनी रिपोर्ट दाखिल की है. अब हाईकोर्ट 10 जून को  मामले पर सुनवाई करेगा.

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading