अपना शहर चुनें

States

रामनगर में ग्रामीणों की ज़मीन पर सड़क चौड़ी करने का विरोध पहुंचा हाईकोर्ट... DM नैनीताल, PWD को नोटिस जारी

हाईकोर्ट ने नैनीताल के डीएम और पीडब्ल्यूडी को मंगलवार तक स्थिति स्पष्ठ करने के निर्देश दिए हैं.
हाईकोर्ट ने नैनीताल के डीएम और पीडब्ल्यूडी को मंगलवार तक स्थिति स्पष्ठ करने के निर्देश दिए हैं.

ग्रामीणों के अनुसार डम्पर संचालन के लिए सड़क को जबरन चौड़ा किया जा रहा है. इसकी आवश्यकता नहीं है.

  • Share this:
नैनीताल. उत्तराखंड में बड़ी संख्या में गांवों तक अब भी सड़क नहीं पहुंची है और यह विकास की राह में एक बड़ी बाधा है. सड़क के लिए ग्रामीणों के मांगें और आंदोलन अक्सर ख़बरों में रहते हैं लेकिन रामनगर में एक अलग स्थिति बनी हुई है. यहां एक गांव के लोग सड़क के चौड़ीकरण का विरोध कर रहे हैं और सरकार सड़क को चौड़ा करने पर आमादा है. इस गतिरोध के चलते मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है और कोर्ट ने नैनीताल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग लिया है.

डम्परों के लिए कर रहे सड़क चौड़ी

रामनगर के सक्खनपुर गांव में लोग सड़क के चौड़ीकरण का विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार 12 साल पहले ग्रामीणों की सहमति से उनके खेतों पर गांव में 12 फ़ीट सड़क का निर्माण हुआ था. इसके लिए न तो ज़मीन का अधिग्रहण किया गया था और न ही ग्रामीणों को कोई मुआवज़ा मिला था. ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि आज भी उनके नाम पर दर्ज है.



अब प्रशासन जबरन इस सड़क को 21 फ़ीट चौड़ा करने जा रहा है. इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इसलिए सड़क चौड़ी करना चाहता है ताकि इस रोड पर बड़े ट्रक और डम्पर चल सकें.
ग्रामीणों की सहमति के बिना और अधिग्रहण, मुआवज़े की कार्यवाही किए बगैर प्रशासन ने सड़क को 21 फ़ीट चौड़ा  करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसे अमरीक सिंह रघुवेंद्र सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि डम्पर संचालन के लिए सड़क को जबरन चौड़ा किया जा रहा है. इसकी आवश्यकता नहीं है.

सरकार की कौन सी ज़मीन है?

हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए डीएम नैनीताल और लोक निर्माण विभाग से पूछा है कि निजी भूमि पर बिना अधिग्रहण के सरकार कैसे सड़क चौड़ी कर सकती है? कोर्ट ने नैनीताल प्रशासन को यह भी बताने को कहा है कि सरकार की कितनी और कौन सी ज़मीन वहां पर दर्ज है?

कोर्ट ने यह भी पूछा है कि यदि जिस ज़मीन पर सड़क के चौड़ीकरण की योजना है वह सरकारी नहीं है तो कैसे ग्रामीणों को उनकी जमीन से वंचित किया जा सकता है? कोर्ट ने डीएम और पीडब्ल्यूडी को मंगलवार तक स्थिति स्पष्ठ करने के निर्देश दिए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज