उत्तराखंड कांग्रेस में फिर रार! वर्चुअल रैली में न बुलाए जाने से नाराज़ हुए किशोर उपाध्याय
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उत्तराखंड कांग्रेस में फिर रार! वर्चुअल रैली में न बुलाए जाने से नाराज़ हुए किशोर उपाध्याय
किशोर ने एक अपने ट्विटर अकाउंट में वर्चुअल रैली में खुद को न बुलाए जाने पर नाराज़गी जाहिर की.

उत्तराखंड कांग्रेस के नेता कुछ दिन एक दिखते हैं लेकिन फिर उनकी फूट सामने दिखने लगती है

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हल्द्वानी. उत्तराखंड कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की ही तरह वर्चुअल रैलियां करना शुरु कर दिया है. पहली रैली नैनीताल ज़िले की हुई. पार्टी नेताओं का दावा है कि कोरोना काल में घर-घर जाकर जन संपर्क या बैठकें करना संभव नहीं है, लिहाज़ा वर्चुअल रैली कर आम लोगों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों की समस्याएं सुनी जा रही हैं ताकि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते इसे सही फोरम पर उठाया जा सके. कुल मिलाकर रैली का मकसद कांग्रेस में नई जान फूंकना है लेकिन यह शुरुआत होते ही इस पर ग्रहण लगता नज़र आ रहा है. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने इस पर अपनी खुलकर नाराज़गी जता दी है.

ट्विटर पर जताई नाराज़गी

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की इन बड़े अरमानों वाली वर्चुअल रैली की हवा खुद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने निकाल दी है. किशोर ने एक अपने ट्विटर अकाउंट में इस रैली में खुद को न बुलाए जाने पर नाराज़गी जाहिर की.



किशोर ने ट्वीवर पर लिखा है''....मुझे जानकारी मिली है कि @INCUttarakhand  ने आज से #Webinar के माध्यम से बैठकों का आयोजन किया है, जिसकी मुझे कोई सूचना नहीं दी गई है..."
यही नहीं किशोर उपाध्याय ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रभारी अनुराग नारायण सिंह, सह प्रभारी राजेश धर्माणी, पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को भी सूचना देने के मकसद से अपनी नाराज़गी वाली पोस्ट को टैग किया है.

इसलिए है इतनी नाराज़गी

News 18 से बात करते हुए पूर्व पीसीसी चीफ] किशोर उपाध्याय ने कहा कि वर्चुअल रैली के लिए निमंत्रण तो दूर उन्हें इसकी सूचना तक नहीं थी. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने घर बैठे-बैठे प्रदेश के 5000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ टेलीफोन से बात की. इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़े नेताओं को एक मंच पर आने की सलाह दी.

उन्होंने दावा किया कि उन्हीं की कोशिशों की वजह से पिछले दिनों देहरादून में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह और खुद किशोर उपाध्याय एक मंच पर नज़र आए थे. इसमें फ़ैसला हुआ था कि प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को हर मंच पर एक साथ और हर बात पर एक राय होना चाहिए लेकिन अब खुद किशोर वर्चुअल रैली में न बुलाए जाने से नाराज हैं.kishor

किशोर ने News 18 से बात करते हुए कहा है कि हो सकता है कुछ लोग कांग्रेस को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते. ये ऐसे लोग हो सकते हैं जिनका निजी स्वार्थ है लेकिन ये नेता कौन हैं उनका नाम लेने के किशोर बचते दिखे.

नाराज़गी दूर की जाएगी

हालांकि किशोर द्वारा किए गए नाराज़गी भरे ट्वीट से प्रदेश कांग्रेस के अंदरूनी सियासत गरमाना तय है. दूसरी तरफ प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने किशोर की नाराज़गी की जानकारी होने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो इसकी जानकारी उत्तराखंड पीपीसी से लेंगे और भविष्य में होने वाली रैलियों में किशोर उपाध्याय को बुलाया जाएगा.

अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि अगर पार्टी के वरिष्ठ नेता की नाराजॉगी को दूर किया जाएगा क्योंकि 2022 में कांग्रेस में सत्ता की वापसी के लिए हर नेता का योगदान ज़रूरी है. नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भी कहा कि क्योंकि पहली वर्चुअल रैली नैनीताल की थी इसलिए उसमें स्थानीय नेताओं के साथ ही पीसीसी और प्रभारी को ही बुलाया गया. हर ज़िले के मुताबिक नेताओं को भविष्य में वर्चुअल रैली में बुलाया जाएगा. किशोर उपाध्याय की नाराज़गी को भी दूर किया जाएगा.
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