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नैनीताल के DM की अनोखी पहल: रामगढ़ बना हॉर्टी टूरिज्म सेंटर, 8 एकड़ जमीन पर लहलहा रही सेब की फसल

नैनीताल के DM की अनोखी पहल: रामगढ़ बना हॉर्टी टूरिज्म सेंटर, 8 एकड़ जमीन पर लहलहा रही सेब की फसल

हॉर्टी टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की यह नायाब पहल है. जिला योजना से हॉर्टी टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए उत्तराखंड राज्य का यह पहला प्रोजेक्ट है. जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जिला योजना से रामगढ़ में हॉर्टी टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए काम किया जा रहा है. रामगढ़ का सरकारी ऑर्चर्ड पूरे राज्य में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी विकास का मॉडल बनेगा.

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रिपोर्ट: हिमांशु जोशी

रामगढ़: उत्तराखंड के नैनीताल जिले का रामगढ़ क्षेत्र फल पट्टी के रूप में जाना जाता है. यहां होने वाले मौसमी फल केवल राज्य ही नहीं बल्कि दिल्ली, मुंबई समेत कई महानगरों में भेजे जाते हैं. अब यह प्रसिद्ध रामगढ़ क्षेत्र हॉर्टी टूरिज्म के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है. हॉर्टी टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की यह नायाब पहल है.

जिला योजना से हॉर्टी टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए उत्तराखंड राज्य का यह पहला प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिला योजना के पहले चरण में राजकीय उद्यान रामगढ़ की 8 एकड़ बंजर भूमि को उपजाऊ कर मदर ऐपल ऑर्चर्ड व क्लोनल रूट स्टॉक नर्सरी का विकास किया गया. इसके अंतर्गत 2100 उच्च घनत्व सेब के पेड़ लगाए गए, जिनसे अब उत्पादन भी होने लग गया है और लगाई गई क्लोनल रुट स्टॉक नर्सरी के 6240 सेब के पौधों से उच्च घनत्व के सेब के पौधे तैयार किए गए हैं.

उद्यान में रोपे गए सेब के पेड़ों में उच्च कोटि की प्रजातियां हैं, जिसमें रेड डिलिशियज़, ग्रैनी स्मिथ एवं गाला शिंजिको रेड प्रजातियों पर फोकस किया गया है. इसी प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में कॉटेज, कैफे व काश्तकारों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बनाया जा रहा है.

जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जिला योजना से रामगढ़ में हॉर्टी टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए काम किया जा रहा है. रामगढ़ का सरकारी ऑर्चर्ड पूरे राज्य में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी विकास का मॉडल बनेगा. जनपद के अन्य राजकीय उद्यान में भी यह मॉडल लागू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि हॉर्टी टूरिज्म प्रोजेक्ट में उद्यान विभाग की तरफ से पूरी लगन से कार्य किया गया जिसका परिणाम है कि आज रामगढ़ राज्य का पहला हॉर्टी टूरिज्म का केंद्र है.

सेब के पेड़ लगाए जाने के बाद दूसरे ही साल से प्रति पेड़ से 3 से 5 किलो तक उत्पादन होता है. इसके साथ ही सेब के उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ाना इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है.

उच्च घनत्व पौधों का आकार छोटा होने के कारण पौधों की कटाई, छंटाई, तुड़ाई के साथ साथ-साथ स्प्रे आदि करना भी आसान हो जाता है, जिससे कि फल उत्पादन का खर्च कम हो जाता है. पौधों का आकार छोटा होने की वजह से सूरज की किरणें पौधे की गहराई तक जाती हैं, जिससे कि इसे अधिकतम रोशनी मिलती है जो कि फलों की गुणवत्ता को बढ़ाता है.

Tags: Nainital news, Uttarakhand news

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