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सड़क बनाई नहीं दिखा दी, पुराने शौचालय को बता दिया नया... सितारगंज घोटाले की जांच हाईकोर्ट के SIT को सौंपी

जनहित याचिका में कहा गया है कि सितारगंज के अरविंद नगर में 2014 से 2019 के कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना व मनरेगा योजना में घोटाला हुआ है.
जनहित याचिका में कहा गया है कि सितारगंज के अरविंद नगर में 2014 से 2019 के कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना व मनरेगा योजना में घोटाला हुआ है.

सरकार इन आरोपों को लगातार नकारती रही. सरकार के जवाब से असंतुष्ट हाईकोर्ट ने SIT जांच के आदेश दिए.

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नैनीताल. सितारगंज के अरविंद नगर में 2014 से 2019 में स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना और मनरेगा योजना में घोटाले पर हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं. कार्यवाहक चीफ जस्टिस कोर्ट ने एसआईटी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है. कोर्ट इस मामले पर अब मार्च के पहले हफ्ते में सुनवाई करेगी. ख़ास बात यह है कि सरकार इस मामले में लगाए जा रहे आरोपों को लगातार नकारती रही और मंगलवार को भी सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए.

जनता के पैसे का दुरुपयोग

बता दें कि सितारगंज के निखिलेश ग्रामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि अरविंद नगर में 2014 से 2019 के कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना व मनरेगा योजना में घोटाला हुआ है. याचिका में कहना है कि प्रधान और बीडीओ ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है.



याचिका में कहा गया है कि शौचालय के लिए मिले 12 हज़ार रुपये को खर्च करने के बजाय पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया. इसी तरह सीसी रोड वहां दिखा दी गई, जहां निर्माण ही नहीं हुआ है. इनके अलावा हैंडपंप लगाने में भी कई अनिमित्ताएं सामने आई हैं.
सरकार के जवाब से असंतुष्ट कोर्ट

याचिका में पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है. ख़ास बात यह है कि सरकार कोर्ट में लगातार घोटाले की बात को नकारती रही. हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने अपने जवाब में कहा कि बीडीओ और प्रधान को नोटिस जारी किया गया है.

सरकार के जवाब और स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर हाईकोर्ट ने इस मामले की एसआईटी जांच के आदेश दे दिए.
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