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    छात्रवृत्ति घोटालाः सरकार ने कहा, SIT को ही जांच करनी चाहिए... हाईकोर्ट ने मांगा 24 घंटे में शपथपत्र

    उत्तराखंड में अब तक के सबसे बड़े घोटाले, 500 करोड़ से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले में नैनीताल हाईकोर्ट लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी सुनवाई करेगा.
    उत्तराखंड में अब तक के सबसे बड़े घोटाले, 500 करोड़ से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले में नैनीताल हाईकोर्ट लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी सुनवाई करेगा.

    सरकार का कहना है कि जांच SIT को पूरी करनी चाहिए क्योंकि अब तक 70% जांच हो गई है और बाकी 6 महीने में पूरी कर लेंगे.

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    नैनीताल. उत्तराखंड में अब तक के सबसे बड़े घोटाले, 500 करोड़ से ज़्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले में नैनीताल हाईकोर्ट लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी सुनवाई करेगा. घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने का विरोध कर रही राज्य सरकार की दलीलों से प्रदेश की शीर्ष अदालत संतुष्ट नहीं हुई और सरकार को 24 घंटे में शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया. अब मंगलवार को भी इस केस की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी जिस पर मामले को सीबीआई को सौंपे जाने पर विचार होगा.

    हाईकोर्ट सख़्त 

    बता दें कि समाज कल्याण विभाग में हुए छात्रवृत्ति घोटाले में रविन्द्र जुगरान व अन्य ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि राज्य में छात्रवृति के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है. इसमें फ़र्ज़ी तरीके से पैसा लिया गया है और छात्रवृत्ति लेने के लिए जौनसार इलाके में गलत आय प्रमाण पत्र बनाए गए हैं. जनहित याचिका में इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग की गई है.



    इस मामले पर सुनवाई के दौरान आज सरकार ने कोर्ट से अनुरोध किया कि सभी मामलों की एसआईटी से ही जांच हो. इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर सरकार को निर्देश दिया कि 24 घंटे में शपथ पत्र कोर्ट में पेश करें.
    एसआईटी पर भरोसा घटेगा

    बता दें कि पिछले हफ्ते सरकार के विशेष अधिवक्ताओं ने कोर्ट में मुख्य सचिव का शपथ पत्र पेश किया था. इसमें कहा गया था कि इस मामले की जांच एसआईटी से हो क्योंकि अब तक 70 प्रतिशत जांच हो गयी है और बची जांच 6 महीने में पूरी कर लेंगे.

    कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा था कि क्यों न मामले की सीबीआई से जांच हो? इसके जवाब में सरकार ने कहा है कि अगर अगर इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी जाती है तो मामले में और देर होगी. इसके अलावा एसआईटी पर लोगों का यकीन भी कम होगा.
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