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Nainital: अमेरिकन मुर्गों ने बदली ग्रामीणों की किस्मत, बने आत्मनिर्भर; हो रही अच्‍छी कमाई

Nainital: अमेरिकन मुर्गों ने बदली ग्रामीणों की किस्मत, बने आत्मनिर्भर; हो रही अच्‍छी कमाई

Nainital News: कोरोना काल के दौरान नैनीताल के रामगढ़ के बोराकोट ग्राम सभा के ग्रामीणों ने मुर्गा पालन को अपना रोजगार का जरिया बनाया. वहीं, एक ग्रामीण हेमंत ने बताया कि वह कड़कनाथ, अमेरिकन प्रजाति की आरआईआर मुर्गा, देसी मुर्गा, ब्रॉयलर व अन्य प्रजाति के मुर्गे पाल रहे हैं. इससे उनकी अच्‍छी कमाई हो रही है.

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रिपोर्ट- हिमांशु जोशी

नैनीताल. एक तरफ कोरोना वायरस की महामारी ने दुनियाभर में तमाम लोगों की जिंदगी छीनी, तो वहीं कुछ लोगों को अपने व्यवसाय से भी हाथ धोना पड़ा. हालांकि इस कोरोना काल ने लोगों को आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया है. नैनीताल के कुछ गांव में भी लोगों ने अपना खुद का स्वरोजगार शुरू किया. रामगढ़ के बोराकोट ग्राम सभा में भी ग्रामीणों ने मुर्गा पालन को अपना रोजगार बनाया है. खासियत यह है कि इसमें कड़कनाथ से लेकर अमेरिकन प्रजाति के मुर्गे भी शामिल हैं.

ग्रामीण हेमंत ने ‘न्यूज़ 18 लोकल’ से बात करते हुए बताया कि कोरोना काल से ही उन्होंने मुर्गों का पालन शुरू कर दिया था. वर्तमान में वह कड़कनाथ, अमेरिकन प्रजाति की आरआईआर (RIR American Chicken) मुर्गा, देसी मुर्गा, ब्रॉयलर व अन्य प्रजाति के मुर्गे पाल रहे हैं. उन्होंने बताया कि वर्तमान में वह भवाली और रामगढ़ बाजार में मुर्गे और अंडे बेच रहे हैं. कड़कनाथ की बात करें तो इसका एक अंडा 35-40 रुपये तक बिकता है. वहीं कड़कनाथ मुर्गा 1200-1400 रुपये प्रति पीस तक बिक जाता है.

आरआईआर प्रजाति की भी मिलती है अच्‍छी कीमत
आरआईआर प्रजाति की मुर्गी एक साल में 250 से ज्यादा अंडे दे सकती है. इसमें काफी प्रोटीन होता है, जिस वजह से इनके अंडों की डिमांड भी ज्यादा है. इसका एक अंडा 15 रुपये तक का बिकता है. सामान्य मुर्गे की तुलना में अमेरिकन मुर्गे में प्रोटीन ज्यादा होता है. इसकी कीमत 450 से 500 रुपये प्रति पीस होती है.

एक अन्य ग्रामीण पृथ्वीराज का कहना है कि वह एक प्रतिष्ठित होटल में बतौर मैनेजर रहे हैं. हालांकि कोरोना की वजह से उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी. कोरोना काल में कई ग्रामीणों ने अपनी बंजर जमीने बेच दीं, लेकिन उन्होंने अपनी जमीन का पूर्ण रूप से इस्तेमाल किया और खेती का काम करने की ठानी. इसके साथ उन्होंने अलग-अलग प्रजाति के मुर्गे-मुर्गियां भी पालीं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है. उन्होंने कहा कि अगर किसान खेती करते हैं तो साथ ही उन्हें जानवर भी पालने जरूरी हैं.

Tags: Chicken, Nainital news

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