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पर्यटक स्थलों पर ट्रैफिक जाम, हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: June 17, 2018, 3:01 PM IST
पर्यटक स्थलों पर ट्रैफिक जाम, हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
उत्तराखंड में सड़कों पर लगने वाले जाम पर हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर उठाए सवाल.

हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा यातायात व्यवस्था सुधारने में क्यों ने पुलिस की बजाए दूसरी एजेंसियों का लिया जाए सहारा.

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राज्य में इन दिनों पर्यटन परवान पर है. नैनीताल समेत हिल स्टेशनों पर पर्यटक पहुंच रहे हैं, तो सैलानियों को पल पल जाम से भी परेशान होना पड़ा रहा है.  पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले पुलिस प्रशासन दावे करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती है, मगर मौका आने पर सिर्फ दावों में ही उलझकर रह जाती है. राज्य के पर्यटन स्थलों पर ट्रैफिक जाम की समस्या पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस को फेल करार दे दिया.

मसूरी, नैनीताल समेत सभी पहाड़ी हिल स्टेशनों पर जाम की तस्वीरें कुछ एक जैसी ही हैं. जाम ऐसा लगा कि हाईकोर्ट को भी जनहित का मामला लगा और खुद ही संज्ञान लेकर उत्तराखण्ड पुलिस को नाकाम कहना पड़ा.

इतना ही नहीं हाई कोर्ट की खण्डपीठ ने सरकार से जाम की हालत देख ये तक कहना पड़ा कि क्यों ना पुलिस के बजाए किसी बाहरी अन्य एेजंसी से यातायात को ठीक करने में मदद ली जाए.

इसके अलावा नैनीताल जनहित याचिका पर तो यातायात की व्यवस्था से नाराज हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने जिले के सभी आला अधिकारियों को ही अवमानान का नोटिस जारी कर कर ये कह दिया कि क्यों ना आप पर कोर्ट की अवमानना का केस दर्ज किया जाए.

बहरहाल हाईकोर्ट से मिली टिप्पणी से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं और हों भी क्यों ना, क्योंकि पुलिस के इंतजाम फेल हैं तो पर्यटक परेशान. बेहतर ये होगा की पुलिस के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकले और सड़क पुलिस की कार्यप्रणाली को ठीक करें ताकि पर्यटकों को जाम से निजात मिल सके.

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First published: June 17, 2018, 1:24 PM IST
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