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हाईकोर्ट में त्रिवेंद्र सरकार का जवाब... सुमाड़ी में ही बनाएगी NIT का स्थाई कैंपस

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: May 7, 2019, 6:57 PM IST
हाईकोर्ट में त्रिवेंद्र सरकार का जवाब... सुमाड़ी में ही बनाएगी NIT का स्थाई कैंपस
एनआईटी श्रीनगर (फ़ाइल फ़ोटो)

खण्डपीठ ने केन्द्र सरकार को आदेश दिया कि वह बताए कि कितना वक्त स्थाई कैम्पस बनने में लगेगा और नए सत्र के छात्र कहां प्रवेश लेंगे.

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श्रीनगर स्थित उत्तराखंड के एनआईटी को सुमाड़ी से शिफ्ट करने के मामले में राज्य सरकार ने आज हाईकोर्ट में अपना पक्ष दाखिल किया. हाईकोर्ट की खण्डपीठ के समक्ष राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वह सुमाड़ी श्रीनगर में ही एनआईटी को बनाएगी और इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी गई है. इसके बाद हाईकोर्ट ने दो दिन में केंद्र से इस बारे में जवाब दाखिल करने को कहा.

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बता दें कि एनआईटी के पूर्व छात्र जसवीर सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि कैम्पस को तत्काल ऐसी जगह शिफ्ट किया जाए जहां एनआईटी स्तर की सुविधा छात्रों को मिले. इसके साथ ही कैम्पस का स्थाई निर्माण किया जाए और जो छात्राएं सड़क हादसे में घायल हुई हैं उनके इलाज का खर्च सरकार उठाए.

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स्थानीय ग्रामीण एनआईटी की शिफ्टिंग का विरोध कर रहे हैं और मुख्यमंत्री समेत राज्य सरकार के कई मंत्री भी कह चुके हैं कि सरकार श्रीनगर से एनआईटी को शिफ़्ट नहीं होने देगी. आज हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में राज्य सरकार ने कहा कि वह सुमाड़ी में ही एनआईटी बनावाएगी और इस बारे में उसने एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी है.

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 राज्य सरकार के जवाब के बाद खण्डपीठ ने केन्द्र सरकार को आदेश दिया है कि 3 मई को वह शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करे. कोर्ट ने केन्द्र से कहा कि वह बताए कि अगर वह एनआईटी के प्रति गम्भीर हैं तो कितना वक्त स्थाई कैम्पस बनने में लगेगा और नए सत्र के छात्र कहां प्रवेश लेंगे.

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अदालत में 13 ज़िलों के डीएम की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया जिसमें तीन ज़िले ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और चमोली के डीएम ने एनआईटी के लिए ज़मीन होने की बात कही है जबकि अन्य 10 जिलों में एनआईटी के लिए ज़मीन उपलब्ध नहीं है.

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First published: May 1, 2019, 3:19 PM IST
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