उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 19 आयुष डाक्टरों को दी बड़ी राहत

सेवा विस्तार के लिए उनसे अप्राइजल फार्म भरवाया जाता है. जिसमें पिछले वर्ष की सेवाओं को आधार मानकर उनको सेवा विस्तार दिया जाता है.

Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: July 4, 2018, 11:06 AM IST
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 19 आयुष डाक्टरों को दी बड़ी राहत
उत्तराखंड हाईकोर्ट
Virendra Bisht | News18 Uttarakhand
Updated: July 4, 2018, 11:06 AM IST
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर के 19 आयुष डाक्टरों को बड़ी राहत दी है. उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सीएमओ आदेश पर रोक लगाते हुए बर्खास्त आयुष डाक्टरों को तत्काल नौकरी पर रखने के आदेश दिये हैं. इसके साथ ही पूरे मामले पर कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को भी जवाब दाखिल करने को भी कहा है. मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी.

गौरतलब है कि ऊधमसिंह नगर में एनएचएम के अन्तर्गत संचालित रास्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में तैनात 19 संविदा आयुष डॉक्टरों का कार्यकाल 31 मार्च 2018 को समाप्त हो गया था. इन डॉक्टरों को 17 अप्रैल 2018 को सीएमओ ने बैठक के बहाने बुलाया जिसके बाद इनकी लिखित परीक्षा ली गई. जिसके बाद 3 डॉक्टरों को अनुतीर्ण और दो को अनुपस्थित के साथ 14 को तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया और 19 जून 2018 को इन सभी डॉक्टरों को बर्खास्तगी का आदेश दे दिया गया.

सीएमओ के इस आदेश को डॉक्टर हितेश कुमार और अन्य ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने सविंदा के रूप में कार्यरत डॉक्टरों को सेवा विस्तार देने में लिखित परीक्षा देने का प्रावधान नहीं है. इस सेवा विस्तार के लिए उनसे अप्राइजल फार्म भरवाया जाता है. जिसमें पिछले वर्ष की सेवाओं को आधार मानकर उनको सेवा विस्तार दिया जाता है.

याचिकर्ताओ का यह भी कहना है की इस सम्बन्ध में अभी तक कोई नियमवाली नहीं बनाई गयी है. डॉक्टर प्रकाश रावत छुट्टी लेकर अपने भाई की शादी में गए थे. उनको भी सीएमओ ने हटा दिया गया. उत्तराखंड हाई कोर्ट ने फिलहाल पूरे मामले में सीएमओ के आदेश पर रोक लगा दी है.

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