गंगा की स्वच्छता पर हाईकोर्ट के 5 राज्यों को नोटिस, 30 अक्टूबर तक मांगा जवाब

अजय गौतम ने हाई कोर्ट की खण्डपीठ को एक पत्र लिखा था जिसका संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने उसे जनहित याचिका में सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया.

News18 Uttarakhand
Updated: September 12, 2018, 4:11 PM IST
गंगा की स्वच्छता पर हाईकोर्ट के 5 राज्यों को नोटिस, 30 अक्टूबर तक मांगा जवाब
नैनीताल हाईकोर्ट को लिखे एक पत्र में कहा गया है कि गंगा में लगातार प्रदूषण फैल रहा है. गंगा का पानी इतना दूषित हो गया है कि आचमन लायक भी नहीं है. (फाइल फोटो)
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Updated: September 12, 2018, 4:11 PM IST
उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने आज उन राज्यों को नोटिस जारी किए हैं, जिन राज्यों से गंगा निकलती है.  गंगा की स्वच्छता व निर्मलता बनी रहे इस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने इन राज्यों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट अब पूरे मामले पर 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगा.  बता दें कि अजय गौतम ने हाई कोर्ट की खण्डपीठ को एक पत्र लिखा था जिसका संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने उसे जनहित याचिका में सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया.

अजय गौतम ने कोर्ट को लिखे पत्र में कहा है कि गंगा में लगातार प्रदूषण फैल रहा है. गंगा से हिन्दू धर्म की आस्था जुड़ी है. कई कर्मकांडों में गंगा के जल का आचमन किया जाता है लेकिन गंगा का पानी इतना दूषित हो गया है कि आचमन लायक भी नहीं है.

याचिका में कहा गया है कि सरकार को गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए निर्देश देने चाहिए. कोर्ट ने इस पूरे मामले पर अधिवक्ता अजयवीर पुण्डिर को न्यायमित्र बनाया है. अदालत ने उत्तराखण्ड के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को नोटिस जारी कए हैं.

इन पांचों राज्यों को पक्षकार बनाते हुए अदालत खंडपीठ ने 30 अक्टूबर तक सभी राज्यों को जवाब दाखिल करने के कोर्ट ने निर्देश दिए हैं.

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