• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttarakhand
  • »
  • उत्तराखंड: मासूम बहन से रेप के आरोपी को फांसी; HC ने फास्टट्रैक कोर्ट से मांगा रिकॉर्ड

उत्तराखंड: मासूम बहन से रेप के आरोपी को फांसी; HC ने फास्टट्रैक कोर्ट से मांगा रिकॉर्ड

उत्तराखंड: मासूम सौतेली बहन से रेप के आरोपी को फांसी के मामले में हाईकोर्ट ने फास्टट्रैक कोर्ट से रिकॉर्ड मांगा

उत्तराखंड: मासूम सौतेली बहन से रेप के आरोपी को फांसी के मामले में हाईकोर्ट ने फास्टट्रैक कोर्ट से रिकॉर्ड मांगा

Uttarakhand High Court: उत्तराखंड हाईकोर्ट में दुष्कर्म के दोषी को फांसी के मामले में सुनवाई की गई. पिथौरागढ़ फस्टट्रैक कोर्ट ने इसमें नेपाली नागरिक को फांसी की सजा सुनाई थी. उस पर अपनी ही पांच साल की सौतेली बहन से रेप करने का आरोप था. इसमें हाईकोर्ट ने अदालत से रिकॉर्ड तलब किया है.

  • Share this:

    नैनीताल. उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) में मासूम के साथ दुष्कर्म पर दोषी को फांसी की सजा सुनाए जाने के मामले में सुनवाई की गई. पिथौरागढ़ फस्टट्रैक कोर्ट (Pithoragarh Fast Track Court) ने इसमें नेपाली नागरिक को फांसी की सजा सुनाई थी. उस पर अपनी ही पांच साल की सौतेली बहन से रेप करने का आरोप था. इस पर हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ की अदालत से रिकॉर्ड तलब कर लिया है.

    गौरतलब है कि पिथौरागढ़ की फास्टट्रैक कोर्ट ने 24 सितम्बर 2021 को दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी. इसी मामले में अब मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई हुई. उच्च न्यायालय ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी नेपाली नागरिक जनक बहादुर की फांसी की सजा सुनाए जाने के मामले में सुनवाई की. कोर्ट ने इस मामले में पिथौरागढ़ की अदालत से रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं.

    फास्टट्रैक कोर्ट द्वारा 24 सितम्बर 2021 को फांसी की सजा सुनाए जाने के मामले में कोर्ट ने इसकी पुष्टि करने के लिए उच्च न्यायलय को आदेश भेजा है. अभियोजन के अनुसार अभियुक्त जनक बहादुर नेपाल का रहने वाला है. वह जाजर देवल थाना क्षेत्र पिथौरागढ़ में अपने परिवार के साथ रह रहा था. उस पर आरोप है कि उसने सौतेली बहन के साथ छह माह तक दुष्कर्म करते हुए शारीरिक यातनाएं दीं. जब क्षेत्र के लोगों को घटना का पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत जाजरदेवल थाना पिथौरागढ़ में की थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था.
    अप्रैल 2021 में इस मामले की जानकारी होने के बाद काफी आक्रोश देखा गया था. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की तो आरोपी ने दुष्कर्म की बात को स्वीकार किया था. दुष्कर्म की पुष्टि नाबालिग की मेडिकल जांच से हो गई थी. मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म के साथ शरीर में चोटों के गहरे निशान भी थे. बताया गया कि जब एक संस्था ने इनको संरक्षण दिया तो नाबालिग ने उनको घटना की जानकारी दी. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. इसे बख्शा नहीं जाना चाहिए.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज