उत्तराखंडः अवैध कब्ज़े को सही ठहराने के लिए होटल मालिक का तर्क... अतिक्रमण कर बसा है 87% शहर

होटल मालिक की याचिका को खारिज करते हुए कहा हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका के निस्तारण तक रोक जारी रहेगी.
होटल मालिक की याचिका को खारिज करते हुए कहा हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका के निस्तारण तक रोक जारी रहेगी.

जनहित याचिका में कहा कि 2019 में जिला विकास प्राधिकरण ने इस होटल को सीज़ कर दिया था. इसके बावजूद निर्माण का काम बदस्तूर चल रहा है.

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नैनीताल. रामनगर में सरकारी भूमि पर होटल निर्माण पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी होटल मालिक ने पालिका पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि ज़्यादातर रामनगर तो अतिक्रमण की ज़मीन पर ही बसा है लेकिन टार्गेट सिर्फ़ उन्हें किया जा रहा है. होटल मालिक की याचिका को खारिज करते हुए कहा हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका के निस्तारण तक रोक जारी रहेगी. हाईकोर्ट ने नगर पालिका को भी जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.

होटल सीज़, पर होता रहा निर्माण

दरअसल भवानीगंज के पास 5 बीघा जमीन के साथ अतिक्रमण कर तीन मंज़िला होटल निर्माण किया जा रहा है. 2017-18 में पालिका की कार्रवाई के बाद भी इसे रोका नहीं जा सका है. इस पूरे मामले को लेकर कुलदीप महेश्वरी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर होटल निर्माण किया जा रहा है जबकि पालिका के पास चिल्ड्रन पार्क और अन्य काम के लिए ज़मीन की कमी है.



याचिका में कहा कि 2019 में जिला विकास प्राधिकरण ने इस होटल को सीज़ कर दिया था. इसके बावजूद इसके निर्माण का काम बदस्तूर चल रहा है. हाईकोर्ट ने 25 जुलाई को निर्माण पर रोक लगा दी थी और कहा कि अगर निर्माण होता रहा तो ज़िला विकास प्राधिकरण और नगर पालिका जिम्मेदार होंगे. सरकार ने भी हाईकोर्ट में माना कि यह होटल सरकारी ज़मीन का अतिक्रमण कर बनाया जा रहा है.
ज़्यादातर अतिक्रमणकारी 

कमाल यह है कि होटल मालिक सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े को सही साबित करने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया. उसने कोर्ट में याचिका दायर कर होटल निर्माण पर लगी रोक हटाने की मांग की. अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया कि मोहम्मद अकरम ने कोर्ट में जो हलफ़नामा दिया है उसमें कहा है कि आधे से ज्यादा रामनगर अतिक्रमण पर बसा है लेकिन परेशान सिर्फ़ उनको किया जा रहा है.

दुष्यंत बताते हैं कि सुनवाई के दौरान कोर्ट पूछती रही कि क्या उनके पास भवन निर्माण की अनुमति है? लेकिन होटल मालिक ऐसी कोई अनुमति नहीं दिखा सका. इसके बाद कोर्ट ने निर्माण पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया.
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